अब घर बैठे नहीं चलेगी बड़े डॉक्टरों की इमरजेंसी-ट्रोमा ड्यूटी, SMS प्रशासन सख्त
जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित करेंगे
जयपुर। एसएमएस अस्पताल की इमरजेंसी और ट्रोमा सेंटर में अब ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और चिकित्सकों की जवाबदेही तय होगी। अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्थाओं में सुधार के लिए जिम्मेदारियां निर्धारित करते हुए सख्ती शुरू कर दी है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी के पिछले दिनों राउंड के दौरान मिली गंभीर अनियमितताओं के बाद यह कदम उठाया गया है। नई व्यवस्था के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को इमरजेंसी की व्यवस्थाओं का प्रमुख जिम्मा सौंपा गया है। वे ड्यूटी रोस्टर के अनुसार मेडिकल ऑफिसर, रेजिडेंट डॉक्टर, न्यूरो-कार्डियोलॉजी एसआर, नर्सिंग प्रभारी और नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति की निगरानी करेंगे। जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित करेंगे।
सीएमओ की जिम्मेदारी गंभीर मरीजों, छह घंटे से बिना निर्णय के इंतजार कर रहे मरीजों और भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे मरीजों के उपचार की तत्काल व्यवस्था कराने की होगी। इसके अलावा इमरजेंसी के प्रवेश द्वार पर ट्रायेज व्यवस्था सुचारू रखने, मेडिको-लीगल औपचारिकताओं, पुलिस को सूचना देने, मृत्यु संबंधी दस्तावेज तैयार कराने और शवों के विधिवत हस्तांतरण की जिम्मेदारी भी तय की गई है। गौरतलब है कि अधीक्षक के राउंड के दौरान न तो प्रशासनिक अधिकारी ड्यूटी पर मिले थे और न ही सीएमओ उपस्थित थे। इसके बाद प्रशासन ने जवाबदेही तय कर व्यवस्था में व्यापक बदलाव किया है।

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