खनन पट्टा मामले की जांच के लिए डॉ. किरोड़ी ने सीएम को लिखा पत्र
बजरी खनन लीज देने की जांच की मांग
जयपुर। राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 पेपर लीक प्रकरण के मुख्य आरोपी सुरेश ढाका के फरार रहने के मात्र 14 महीने में उसके पिता को लगभग 20 करोड़ रुपए बजरी खनन के लिए पट्टा आवंटित होने के मामले के सामने आने के बाद उसके आर्थिक नेटवर्क एवं सहयोगियों की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
डॉ. मीणा ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में लिखा है कि मीडिया में प्रकाशित समाचार से यह तथ्य सामने आया है कि दस मामलों में वांछित सुरेश ढाका के फरार रहने के मात्र 14 महीने के भीतर उसके पिता को करीब 20 करोड़ रुपए की बजरी खनन की लीज आवंटित की गई है। यह एक गंभीर विषय है जिसकी विस्तृत जांच अपेक्षित है। उन्होंने पत्र में लिखा कि सुरेश ढाका, पेपर लीक का मुख्य सरगना रहा है जो 28 दिसंबर 2022 को फरार हो गया था, जिसकी अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। सुरेश ढाका की संपत्तियां, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पहले ही कुर्क कर चुका है तो ऐसे में उसके पिता को मिली 20 करोड़ रुपए की खनन लीज में निवेश की गई राशि का स्रोत क्या है, इसकी जांच होनी चाहिए।
डॉ. किरोडी लाल मीणा ने पत्र में मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सुरेश ढाका, उसके परिजनों, सहयोगियों एवं आर्थिक नेटवर्क की किसी उच्च स्तरीय एसआईटी अथवा स्वतंत्र एजेंसी से विस्तृत जांच कराई जाए। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अध्यापक पेपर लीक मामले में उदयपुर पुलिस ने जब छापेमारी की थी उस समय मेंने ट्विट कर तत्कालीन सरकार को कहा था कि पेपरलीक का मुख्य सरगना ढाका जयपुर के वैशाली नगर में है। उसे तुरंत पकड़ा जाए, लेकिन एसओजी की मिलीभगत से ढाका 28 दिसंबर 2022 को जयपुर से फरार हो गया, जिसकी अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इन्होंने वर्ष 2013 में जितनी भी आॅनलाइन/आॅफलाइन भर्ती परीक्षाएं हुई उसमें ढाका की मुख्य भूमिका रही है।

Comment List