बढ़ती गर्मी के साथ जयपुर में गहराया पेयजल संकट, बढ़ती आबादी और नई कॉलोनियों के जुड़ने से जल दबाव
पाइपलाइन लीकेज और अवैध बूस्टर पंपों के कारण भी पानी की हानि
बढ़ती गर्मी के साथ जयपुर में गहराया पेयजल संकट, मांग-सप्लाई के बीच बढ़ी खाई जयपुर में गर्मी तेज होते ही पेयजल की मांग तेजी से बढ़ गई है, जबकि सप्लाई उसी अनुपात में नहीं बढ़ पाने से शहर के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच रहा।
जयपुर। बढ़ती गर्मी के साथ जयपुर में गहराया पेयजल संकट, मांग-सप्लाई के बीच बढ़ी खाई जयपुर में गर्मी तेज होते ही पेयजल की मांग तेजी से बढ़ गई है, जबकि सप्लाई उसी अनुपात में नहीं बढ़ पाने से शहर के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच रहा है। आंकड़ों के अनुसार शहर में वर्तमान जल मांग करीब 700 मिलियन लीटर प्रतिदिन (MLD) है, जबकि औसतन सप्लाई लगभग 600–630 MLD के आसपास ही रह पाती है। इससे रोजाना लगभग 70–100 MLD पानी की कमी बनी रहती है। शहर की जल आपूर्ति मुख्य रूप से बीसलपुर बांध पर निर्भर है, लेकिन बढ़ती आबादी और नई कॉलोनियों के जुड़ने से जल दबाव बढ़ गया है।
कई इलाकों में कम प्रेशर के कारण अंतिम छोर के मकानों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। टैंकरों की मांग भी बढ़ गई है, जो उपलब्ध सप्लाई से लगभग 25% अधिक बताई जा रही है। गर्मी के महीनों में एयर कूलर और घरेलू उपयोग बढ़ने से जल खपत में अतिरिक्त वृद्धि होती है। वहीं पाइपलाइन लीकेज और अवैध बूस्टर पंपों के कारण भी पानी की हानि हो रही है। प्रशासन ने टैंकरों की संख्या बढ़ाने और निगरानी तेज करने की योजना बनाई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दीर्घकालिक जल प्रबंधन और वर्षा जल संचयन पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले वर्षों में यह संकट और गंभीर हो सकता है।

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