मकर संक्रांति से पहले ही पतंगों से बड़ी संख्या में घायल होने लगे परिंदे, घायल पंछियों की विदेश से आकर कर रहे सेवा
दिन-रात पक्षियों का इलाज कर रहे हैं
ऑस्ट्रेलिया से आए डॉ.स्टीफन हर्ष पिछले पांच वर्षों से लगातार जयपुर आकर मांझे से घायल पक्षियों का उपचार कर रहे हैं।
जयपुर। शहर में जैसे-जैसे मकर संक्रांति का पर्व नजदीक आ रहा है। वैसे-वैसे पतंगबाजी का उत्साह चरम पर पहुंचता जा रहा है। लेकिन इस उत्सव के बीच धारदार मांझा बेजुबान परिंदों के लिए खतरा बनता जा रहा है। मांझे की चपेट में घायल पक्षियों को समय रहते उपचार की जरूरत होती है।
डॉ.स्टीफन हर्ष पिछले पांच साल से लगातार आ रहे...
ऑस्ट्रेलिया से आए डॉ.स्टीफन हर्ष पिछले पांच वर्षों से लगातार जयपुर आकर मांझे से घायल पक्षियों का उपचार कर रहे हैं। इसके अलावा लंदन से डॉ.एश्ले क्लेटोंन, मैथ्यू रैंडल और हेली एयर्स भी जयपुर पहुंच चुके हैं। वे मालवीय नगर स्थित रक्षा संस्थान के शेल्टर में रहकर दिन-रात पक्षियों का इलाज कर रहे हैं।
रोजाना 25 से 30 कॉल आ रहीं
रक्षा संस्थान के रोहित गंगवाल ने बताया कि शेल्टर में पक्षियों के लिए विशेष आईसीयू तैयार किया गया है। जहां गंभीर रूप से घायल पक्षियों को रखा जा रहा है। शहर के विभिन्न इलाकों से रोजाना 25 से 30 रेस्क्यू कॉल आ रही हैं।

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