एग्रीस्टैक से जुड़ेंगे किसान, कृषि सेवाएं होंगी डिजिटल और पारदर्शी
87 लाख से अधिक किसानों की बनी फार्मर आईडी
जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में सोमवार को एग्रीस्टैक स्टीयरिंग कमेटी की बैठक हुई। इसमें किसान रजिस्ट्री, फार्मर आईडी, डिजिटल फसल सर्वे, डेटा सिंक्रोनाइजेशन, उर्वरक वितरण और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने एग्रीस्टैक के माध्यम से कृषि सेवाओं को अधिक पारदर्शी और किसान केंद्रित बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 87 लाख 44 हजार 842 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य का 96.95 प्रतिशत है। एग्रीस्टैक से जुड़े कार्यों के लिए राज्य को अब तक 737 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत हुई है।
मुख्य सचिव ने शेष किसानों की रजिस्ट्री अभियान चलाकर पूरी करने तथा फार्मर आईडी को किसान कल्याण योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। कृषि विभाग में एग्रीस्टैक आयुक्तालय स्थापित करने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया। राजसमंद और सिरोही में फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल लागू है, जहां 65 हजार से अधिक किसान 10 हजार मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक खरीद चुके हैं। इसे पूरे प्रदेश में लागू करने के निर्देश दिए गए। डिजिटल फसल सर्वे में 2.36 करोड़ लक्षित खसरों में से 1.89 करोड़ का सर्वे पूरा हो चुका है। आगामी खरीफ में सभी ऑनलाइन तहसीलों और गांवों में सर्वे कराने पर जोर दिया गया।

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