चार माह में 46 हजार करोड़ का राजस्व संग्रह, राज्य की आय में 11.69% बढ़ोतरी
एकीकृत डिजिटल व्यवस्था लागू करने के निर्देश
जयपुर। वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में राजस्थान सरकार ने राजस्व संग्रह के मोर्चे पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई प्रमुख राजस्व अर्जक विभागों की समीक्षा बैठक में बताया गया कि जुलाई 2026 तक राज्य ने 45,958 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 11.69 प्रतिशत अधिक है। यह वार्षिक बजट अनुमान का 24.05 प्रतिशत है। बैठक में शहरी विकास एवं आवासन विभाग ने 95.34 प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन किया।
पैट्रोलियम विभाग में 34.03 प्रतिशत, पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग में 28.89 प्रतिशत, खान विभाग में 17.93 प्रतिशत, श्रम (सेस) विभाग में 17.70 प्रतिशत, परिवहन विभाग में 13.58 प्रतिशत, वैट संग्रह में 13.40 प्रतिशत, जीएसटी में 9.54 प्रतिशत तथा आबकारी विभाग में 7.54 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री के निर्देशों की समयबद्ध पालना सुनिश्चित करने, कर चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने तथा उच्च राशि वाले मामलों की सतत निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि फर्जी फर्मों के विरुद्ध अभियान में 63 अस्तित्वहीन फर्मों की पहचान कर 259.71 करोड़ रुपये की फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) रोकी गई। साथ ही गुजरात, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की आधुनिक कर प्रबंधन प्रणालियों को अपनाने तथा एकीकृत डिजिटल पोर्टल विकसित करने के निर्देश भी दिए।

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