छोटी घटनाओं को गंभीरता से लें डीएम-एसपी, लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: सीएम योगी
राजस्व और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों को प्राथमिकता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिलों में छोटी-छोटी घटनाओं पर भी गंभीरता से नजर रखें और सूचना मिलते ही प्रशासन तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर पीड़ितों की सुनवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि जनसमस्याओं के निस्तारण में उदासीनता और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यहां 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याएं और शिकायतें सुनने के बाद कहा कि समाज में वैमनस्य फैलाने वाले लोग मामूली घटनाओं को बड़ा रूप देने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा है कि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में छोटी से छोटी घटना पर नजर रखें। घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ितों की सुनवाई करें और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मामलों का समयबद्ध निस्तारण कराएं।
योगी ने जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठे प्रत्येक फरियादी से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रशासन, पुलिस, राजस्व और विद्युत सहित विभिन्न विभागों से संबंधित प्रार्थना पत्रों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार साढ़े नौ वर्षों से बिना किसी भेदभाव के लोगों की समस्याओं का समाधान कराने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पात्र व्यक्तियों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले, जरूरतमंद मरीजों के इलाज की व्यवस्था हो और भूमाफिया तथा दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
जनता दर्शन में पुलिस और राजस्व से संबंधित शिकायतें अधिक सामने आने पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने पुलिस कमिश्नर, एडीजी, आईजी, डीआईजी और एसएसपी स्तर के अधिकारियों को नियमित रूप से जनसमस्याओं की सुनवाई और उनके निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि किसी अधीनस्थ कर्मचारी या अधिकारी के स्तर पर लापरवाही की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने राजस्व और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का एक सहज और आत्मीय अंदाज भी देखने को मिला। मां के साथ आए एक छोटे बच्चे से उन्होंने उसका हालचाल पूछा और यह भी जाना कि वह कहां पढ़ता है। मुख्यमंत्री ने बच्चे की ओर चॉकलेट बढ़ाई तो उसने तुरंत ले ली। बाद में जब मुख्यमंत्री ने चॉकलेट वापस मांगी तो बच्चे ने देने से इनकार कर दिया। इस पर वहां मौजूद लोग हंस पड़े। उन्होंने बच्चे को सुखद भविष्य का आशीर्वाद देते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने की सीख दी।

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