पीजी के बाद नौकरी जॉइन नहीं करने वाले डॉक्टरों की अब खैर नहीं, अंतिम नोटिस जारी
चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई
जयपुर । सेवारत कोटे से पीजी (पोस्ट ग्रेजुएशन) करने के बाद नौकरी जॉइन नहीं करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ चिकित्सा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे डॉक्टरों को अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित चिकित्सकों को 27 अक्टूबर तक निदेशालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना प्रतिवेदन देना होगा। विभाग की ओर से जारी नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा में उपस्थित होकर संतोषजनक जवाब नहीं देने वाले चिकित्सकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे डॉक्टरों से पीजी के दौरान दिए गए बॉन्ड की शर्तों के अनुसार पीडीआर एक्ट के तहत राशि की वसूली शुरू की जाएगी।
इसके अलावा संबंधित चिकित्सकों का राजस्थान मेडिकल कौंसिल से जारी रजिस्ट्रेशन भी निरस्त किया जा सकता है। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य सेवारत कोटे के तहत पीजी की पढ़ाई पूरी करने के बाद निर्धारित सेवा नहीं देने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करना है। चिकित्सा विभाग के इस सख्त कदम से लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे चिकित्सकों पर दबाव बढ़ गया है। अब संबंधित डॉक्टरों को तय समय सीमा में अपना पक्ष रखना होगा, अन्यथा उन्हें आर्थिक व पेशेवर स्तर पर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

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