देशों के रिश्ते भले तनावपूर्ण हों, जयपुर का डॉल म्यूजियम संस्कृतियों को जोड़ रहा
वैश्विक पहचान को कला और संस्कृति के माध्यम से नई दिशा
जयपुर। दुनिया के कई देशों के रिश्ते भले तनावपूर्ण हों, लेकिन जयपुर का डॉल म्यूजियम संस्कृतियों को करीब लाता है। यहां अलग-अलग देशों की पारंपरिक वेशभूषा और जीवनशैली को गुड़ियों के जरिए प्रदर्शित किया गया है। म्यूजियम में रूस, अमेरिका, चीन, जापान, तुर्की, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, थाईलैंड, फ्रांस, ग्रीस और श्रीलंका समेत कई देशों की झलक मिलती है। इटली, मैक्सिको, स्पेन, इंग्लैंड, फिलीपींस और स्कॉटलैंड की पारंपरिक वेशभूषा भी डॉल्स के जरिए दिखाई गई है।
अरब देशों की महिलाओं के पहनावे को भी खास तौर पर प्रदर्शित किया गया है। मतभेद अलग, संस्कृति साथ अमेरिका-ईरान तनाव हो या रूस को लेकर अंतरराष्ट्रीय मतभेद, यहां देशों की पहचान राजनीति नहीं, संस्कृति से होती है। भारत के साथ कश्मीर मुद्दे पर अलग रुख रखने वाले तुर्की की पारंपरिक संस्कृति भी संग्रह का हिस्सा है। यह संग्रह राजनीतिक सीमाओं से परे सांस्कृतिक जुड़ाव की तस्वीर पेश करता है। संग्रह खास, रखरखाव सवालों में म्यूजियम का संग्रह आकर्षक है, लेकिन व्यवस्थाएं कमजोर नजर आती हैं।
कई हिस्सों में पर्याप्त रोशनी नहीं है। इससे डॉल्स की बारीकियां ठीक से दिखाई नहीं देतीं। इमारत में जगह-जगह सीलन भी नजर आती है। ऐसे में इस अनूठे संग्रह को बेहतर रोशनी, संरक्षण और रखरखाव की जरूरत है। यहां स्कूली बच्चों का टिकट 10, बड़ों का 20 और विदेशियों का 100 रुपए प्रवेश टिकट लगता है।

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