वन्यजीव सप्ताह–2026 का भव्य समापन: विजेताओं को मिले पुरस्कार, ‘आवास जुड़ेंगे, तभी वन्यजीव पनपेंगे’ का संदेश; संरक्षण के लिए कनेक्टिविटी पर जोर
आवासों को जोड़ना, वन्यजीवों को समृद्ध बनाना
जयपुर। वन विभाग की ओर से “Connecting Habitats, Thriving Wildlife” — “आवासों को जोड़ना, वन्यजीवों को समृद्ध बनाना” थीम के तहत आयोजित वन्यजीव सप्ताह–2026 का गुरुवार को अरण्य भवन, जयपुर में समापन हुआ। समापन समारोह में सप्ताहभर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया गया। समारोह में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) अरिजीत बनर्जी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक पवन कुमार उपाध्याय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक शिखा मेहरा तथा अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के.सी.ए. अरुण प्रसाद सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
वन्यजीव सप्ताह के दौरान वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता, प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा तथा मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों, युवाओं, शिक्षकों, वन्यजीव प्रेमियों और आमजन ने इनमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। चित्रकला, पोस्टर निर्माण, वॉल पेंटिंग, रंगोली, फेस पेंटिंग, फोटोग्राफी, निबंध लेखन और क्विज सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभागियों ने वन्यजीवों एवं उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण का संदेश रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। इन गतिविधियों के माध्यम से संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता को व्यापक स्तर पर पहुंचाया गया। समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं एवं प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए।
इस वर्ष की थीम के माध्यम से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों को आपस में जोड़ने, सुरक्षित आवागमन के लिए वन्यजीव गलियारों एवं पारिस्थितिक कनेक्टिविटी को बनाए रखने तथा मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। वन्यजीव संरक्षण के लिए संरक्षित क्षेत्रों के साथ-साथ उनके आसपास के प्राकृतिक आवासों और आवागमन मार्गों का संरक्षण भी आवश्यक बताया गया।
समारोह में वन्यजीव सप्ताह के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले अधिकारी-कर्मचारियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, स्वयंसेवी संस्थाओं, वन्यजीव प्रेमियों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। सप्ताहभर चले कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को और मजबूत करने तथा समाज के विभिन्न वर्गों को प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने का संदेश दिया गया।

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