नोबेल पुरस्कार 2026: कनाडाई कवयित्री ऐन कार्सन को मिला साहित्य पुरस्कार, शास्त्रीय परंपरा और आधुनिक कविता के अनूठे मेल के लिए सम्मान
10 दिसंबर को स्टॉकहोम में आयोजित भव्य समारोह में दिया जाएगा स्वर्ण पदक और प्रमाणपत्र
नई दिल्ली। वर्ष 2026 के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार के लिए चयनित कनाडा की कवयित्री ऐन कार्सन ने मानवीय लालसा, प्रेम और उसके अनंत प्रलोभन, आध्यात्मिक और संतान संबंधी जटिलताओं और विविधताओं पर अपनी कलम चलायी है। स्वीडिश अकादमी ने उन्हें उनकी साहसी और आविष्कारशील रचनाधर्मिता के लिए, जिसने शास्त्रीय परंपरा के साथ एक सहज-चंचल संवाद के माध्यम से समकालीन साहित्य के लिए नए रूपों के सृजन के लिए इस सम्मान को देने की घोषणा की है। सुश्री कार्सन को शास्त्रीय साहित्य और आधुनिक काव्य रूपों का अनूठा सम्मिश्रण करने तथा गद्य, कविता और निबंध के बीच की सीमाओं को समाप्त कर नयी साहित्यिक शैली गढ़ने के लिए जाना जाता है।
इस पुरस्कार में उन्हें 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर या 11.52 करोड़ रुपये की धनराशि दी जायेगी। इसके अलावा एक स्वर्ण पदक और प्रमाणपत्र आगामी 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में आयोजित होने वाले आधिकारिक समारोह में प्रदान किया जाएगा। जन्म 21 जून 1950 को टोरंटो में जन्मी कार्सन की पहचान कवयित्री, निबंधकार, शास्त्रीय विद्वान, प्राचीन ग्रीक भाषा की अनुवादकऔर प्रोफेसर के तौर पर अधिक है। उन्हें वर्ष 2000 में मैकआर्थर फेलोशिप, गवर्नर जनरल पुरस्कार और लानन साहित्यिक पुरस्कार जैसे बड़े पुरस्कार मिल चुके हैं। वह प्रतिष्ठित ग्रिफिन पोएट्री पुरस्कार की दो बार विजेता भी रही हैं।
एक साहित्यकार के रूप में सुश्री कार्सन के करियर को टोरंटो विश्वविद्यालय में उनके अध्ययन ने गहराई से प्रभावित और आकार दिया है। यहां उन्होंने बीए (1974), एमए (1975), और पीएचडी (1981) पूरी की और सेंट एंड्रयूज विश्वविद्यालय से आगे पढ़ाई की। उसके बाद उन्होंने अमेरिका और कनाडा के विभिन्न संस्थानों में क्लासिक्स या शास्त्रीय अध्ययन पढ़ाया है, जिनमें एमोरी विश्वविद्यालय, कैलिफोर्निया कॉलेज ऑफ द आर्ट्स, प्रिंसटन विश्वविद्यालय और मैकगिल विश्वविद्यालय शामिल हैं। वह वर्तमान में मिशिगन विश्वविद्यालय में क्लासिक्स और तुलनात्मक साहित्य की प्रोफेसर हैं।
कार्सन का पहला प्रकाशन, इरोस द बिटरस्वीट: एन एसे (1986) आया था। उसके बाद शॉर्ट टॉक्स (1992), गॉडेसेज एंड वाइज विमेन (1992), प्लेनवाटर: एसेज एंड पोएट्री (1995), ग्लास, आयरनी एंड गॉड (1995), ऑटोबायोग्राफी ऑफ रेड: ए नॉवेल इन वर्स (1998), और आलोचनात्मक पुस्तक इकोनॉमी ऑफ द अनलॉस्ट (1999), मेन इन द ऑफ आवर्स (2000) ने एक कवयित्री के रूप में उनकी प्रतिष्ठा को मजबूत किया। इनमें मेन इन द ऑफ आवर्स को बहुत प्रशंसा मिली और इसके कई रूपांतरण हुए। यह संग्रह थ्यूसीडाइड्स के इतिहास और वर्जीनिया वुल्फ की कहानी द मार्क ऑन द वॉल पर विचारों के साथ शुरू होता है।
अपनी शास्त्रीय विद्वत्ता और साहित्यिक पृष्ठभूमि से सिंचित सुश्री कार्सन की कविता बेहद समृद्ध और गूढ़ है। वह प्राचीन ग्रीक साहित्य और पौराणिक कथाओं के पात्रों जैसे ट्रॉय की हेलेन, हेक्टर और गेरियॉन के साथ-साथ वर्जीनिया वुल्फ, गर्टरूड स्टीन और एमिली ब्रोंटे जैसे लेखकों का संदर्भ देती है। शैलीगत रूप से, उनके काम को विभिन्न काव्य रूपों और मुक्त छंद, विशेष रूप से निबंधों के साथ अद्वितीय जोड़ के कारण पहचाना गया है। सुश्री कार्सन की कविता के सबसे सुसंगत विषयप्रेम, और उसके सभी अटूट प्रलोभन, संतुष्टियां, परीक्षण, जटिलताएं और निराशाएं, साथ ही आध्यात्मिक और दिव्य से संबंधित मुद्दे हैं। उनके विषयों की विशालता आश्चर्य में डाल देती है।
द ब्यूटी ऑफ द हस्बैंड (2001) में, संभवतः उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना है। इसमें सुश्री कार्सन एक ऐसी पत्नी के दुखों का वर्णन करती हैं जिसका ध्यान अपने व्यभिचारी पति के इर्द-गिर्द घूमता है। ग्लास, आयरनी एंड गॉड का द ग्लास एसे एक छोड़े गए प्रेमी के अधिक मार्मिक साहित्यिक चित्रणों में से एक प्रस्तुत करता है। एक असफल रिश्ते से उबरने, कोई नुकसान या दुख पर कैसे काबू पाता है, प्रेम की प्रकृति क्या है, जैसे प्रश्न भले ही सतही रूप से साधारण लगते हैं लेकिन सुश्री कार्सन ने उनको मजाकिया लेकिन विचारशील रचना-संसार में कुशलतापूर्वक और सहजता से उठाया है।
कार्सन का साहित्यिक कर्म पिछले दशक में खूब फला-फूला है, और इसमें कविता और अनुवाद दोनों शामिल हैं। उनके संग्रह डिक्रीएशन: पोएट्री, एसेज, ओपेरा (2005) पर भी पर्याप्त चर्चा हुयी है लेकिन उनका अगला संग्रह नॉक्स (2010) एक शोकगीत है, वह एक अलग ही मुकाम रखता है। इसमें रात की रोमन देवी का संदर्भ है। यह उनके मृत भाई माइकल को एक काव्यात्मक श्रद्धांजलि है। कार्सन ने काफी अनुवाद भी किया है। क्लासिक्स के प्रोफेसर के रूप में, वह अक्सर ग्रीक साहित्य का अंग्रेजी में अनुवाद करती हैं। साल 2006 में, उन्होंने ग्रीफ लेसन्स के रूप में यूरिपाइड्स के नाटकों का अनुवाद किया। इसमें एस्किलस का ऑगेमेमनॉन, सोफोकल्स का इलेक्ट्रा, और यूरिपाइड्स का ओरेस्टेस शामिल है।

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