एसआईआर को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर मुख्यमंत्री का पलटवार, कहा- निर्वाचन आयोग के संयुक्त बयान से स्थिति स्पष्ट
बिना प्रमाण के छवि धूमिल करने का लगाया आरोप
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाने से पहले राजनीतिक दलों को तथ्यों और प्रमाणों की पुष्टि करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस बिना ठोस आधार के निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर उसकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 सितंबर को निर्वाचन आयोग की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान से स्पष्ट हो गया है कि एसआईआर से जुड़े प्रमुख निर्णय मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दोनों निर्वाचन आयुक्तों की सहमति से लिए गए। उन्होंने कहा कि आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 24 जून 2025 का एसआईआर आदेश तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी से जारी हुआ था।
उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि निर्वाचन आयोग के भीतर कथित मतभेद थे तो उनके समर्थन में ठोस तथ्य और दस्तावेज कहां हैं। शर्मा ने कहा कि किसी संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाने से पहले उसके तथ्यात्मक आधार को जनता के सामने रखना चाहिए।
मंत्रिमंडल सचिव को पत्र को एसआईआर से जोड़ने पर सवाल
मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल सचिव को भेजे गए पत्र को एसआईआर से जोड़कर प्रस्तुत किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के अनुसार संबंधित पत्र प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़ा था और आयोग की किसी नीतिगत व्यवस्था से संबंधित नहीं था। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि उस पत्र को एसआईआर से जोड़ने का आधार क्या था और इसके समर्थन में उसके पास कौन-सा आधिकारिक दस्तावेज है।
प्रपत्र संख्या छह को लेकर भी मांगा प्रमाण
भजनलाल शर्मा ने प्रपत्र संख्या छह को लेकर लगाए गए आरोपों पर भी कांग्रेस से प्रमाण सार्वजनिक करने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस का दावा है कि प्रपत्र संख्या छह में नियमों के विपरीत बदलाव किया गया है तो उस बदलाव से संबंधित आधिकारिक आदेश या दस्तावेज सामने रखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर को जारी स्पष्टीकरण में कहा है कि एसआईआर से जुड़े प्रपत्र संख्या छह के घोषणा-पत्र को उच्चतम न्यायालय द्वारा बरकरार रखा गया है। उन्होंने कहा कि समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबरों के आधार पर किसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों का सत्यापन जरूरी है।
मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दूसरे पक्ष को भी जनता के सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने ऐसे मतदाताओं के लिए घर पर दस्तावेज एकत्र करने की व्यवस्था की है, जिन्हें एसआईआर प्रक्रिया में दस्तावेजों या अभिलेखों के मिलान से संबंधित सूचना मिली है। बूथ स्तरीय अधिकारी संबंधित मतदाताओं के घर जाकर दस्तावेज एकत्र कर उन्हें निर्वाचन आयोग के डिजिटल मंच पर अपलोड कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने और पात्र मतदाताओं को प्रक्रिया में शामिल करने के प्रयासों पर भी चर्चा होनी चाहिए।
कांग्रेस को आत्ममंथन की नसीहत
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में हार के बाद पार्टी को अपनी राजनीतिक स्थिति के लिए दूसरे कारणों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति में मेहनत, ईमानदारी और जनता के बीच लगातार रहने की जरूरत होती है। शर्मा ने कांग्रेस से कहा कि वह संवैधानिक संस्थाओं पर आधारहीन आरोप लगाने के बजाय जनता के बीच जाए, लोगों की समस्याओं को समझे और उनके समाधान के लिए काम करे। उन्होंने कहा कि जनता तथ्यों को समझती है और राजनीतिक आरोपों से अधिक काम तथा जवाबदेही को महत्व देती है।

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