भारतीय मुद्रा बाजार: आरबीआई के कड़े कदमों से संभला रुपया, डॉलर के मुकाबले रिकवरी जारी
कच्चे तेल की गिरती कीमतों से आयातित महंगाई पर लगेगी लगाम
एजेंसी नवज्योति मुंबई। भारतीय मुद्रा बाजार में पिछले कुछ महीनों से जारी भारी उतार-चढ़ाव पर अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नीतिगत हस्तक्षेपों के कारण लगाम लगती दिख रही है। आज यानी 22 अक्टूबर 2026 को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया सुदृढ़ स्थिति में कारोबार कर रहा है।
लेटेस्ट एक्सचेंज रेट (Latest Exchange Rates)
आज के कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति इस प्रकार है:
1 अमेरिकी डॉलर (USD): ₹94.51 – ₹94.68
1 यूरो (EUR): ₹106.72
1 ब्रिटिश पाउंड (GBP): ₹127.15
बाजार में सुधार के मुख्य कारण
1. आरबीआई की स्पेशल स्वैप फैसिलिटी और हस्तक्षेप: डॉलर की चौतरफा मांग को नियंत्रित करने और तेल कंपनियों की तत्काल डॉलर आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए केंद्रीय बैंक (RBI) लगातार बाजार में सक्रिय बना हुआ है। आरबीआई के इन कड़े और रणनीतिक कदमों से रुपये को बड़ी गिरावट से सुरक्षा मिली है।
2. आईपीओ और विदेशी निवेश का फ्लो: बाजार विश्लेषकों के अनुसार, हाल ही में बड़े घरेलू आईपीओ (जैसे जियो प्लेटफॉर्म्स) से जुड़े डॉलर इनफ्लो ने भी भारतीय करेंसी को शॉर्ट-टर्म सपोर्ट प्रदान किया है।
3. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी: ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में आई आंशिक स्थिरता और वैश्विक स्तर पर डॉलर सूचकांक (Dollar Index) के स्थिर रहने से आयातकों की ओर से डॉलर की घबराहट वाली खरीदारी रुकी है।
मार्केट आउटलुक: फॉरेक्स ट्रेडर्स का मानना है कि आने वाले दिनों में जब तक आरबीआई का आक्रामक रुख और डॉलर फ्लो बना रहेगा, रुपया ₹94.20 से ₹95.00 के सीमित दायरे में कंसोलिडेट कर सकता है, जिससे आगामी त्योहारों के सीजन में आयातित महंगाई (Imported Inflation) पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

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