खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों पर Congress का केंद्र पर तीखा प्रहार: गरीब-मध्यम वर्ग की कमर तोड़ रही महंगाई, सरकार से आम जनता को राहत देने की मांग
जरूरी खाद्य सामग्री पहुंच से बाहर
नई दिल्ली। कांग्रेस ने खाद्य पदार्थों और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं की आसमान छूती कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि गरीब और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ रही मंहगाई को नियंत्रण करने के लिए उपाय करने की सख़्त ज़रूरत है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि पिछले एक महीने में मसालों के दामों में 10 से 25 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी हुई है। छोटी इलायची 4,000 रुपये से बढ़कर 4,400 रुपये, बड़ी इलायची 2,400 रुपये से 2,800 रुपये, जीरा 360 रुपये से 400 रुपये और जावित्री 2,500 रुपये से बढ़कर 3,000 रुपये प्रति किलो हो गई है।
जयराम रमेश ने कहा कि अरहर दाल 100 रुपये से बढ़कर 130 रुपये, चना दाल 70 रुपये से 100 रुपये और उड़द 120 रुपये से 140 रुपये प्रति किलो हो गई है, जबकि सरसों तेल 190 रुपये से 210 रुपये और सफोला तेल 240 रुपये से 280 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि जून से सितंबर के दौरान प्याज की औसत खुदरा कीमत 29.50 रुपये से बढ़कर 53.78 रुपये प्रति किलो हो गई, यानी करीब 82.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के कारण गरीब परिवारों के लिए दाल और जरूरी खाद्य सामग्री पहुंच से बाहर हो रही हैं। उन्होंने सरकार से महंगाई पर तुरंत सख्त कदम उठाकर आम जनता को राहत देने की मांग की।

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