मितव्ययता पर सरकार सख्त, मंत्री-अफसरों की विदेश यात्राओं पर रोक
राजकीय वाहनों का उपयोग एवं यात्राएं
सरकारी खर्च पर मंत्रियों, अफसरों और कर्मचारियों की विदेश यात्राओं पर रोक लगा दी गई है। कार पूलिंग अनिवार्य, सरकारी कार्यक्रम सरकारी भवनों में, बैठकों को वीसी मोड में प्राथमिकता मिलेगी। नए सरकारी वाहन ईवी होंगे, दफ्तरों में सौर ऊर्जा, ई-ऑफिस और बिजली बचत पर जोर दिया गया है।
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने अपील के चलते राज्य सरकार ने सर्कूलर जारी कर मंत्रियों, अफसरों और कर्मचारियों की सरकारी खर्च पर विदेश यात्राओं पर रोक लगा दी है। साथ ही कार्मिकों को कार पूलिंग का उपयोग करने के निर्देश दिए गए है। आने वाले समय में सरकार नए वाहनों में ईवी गाड़ियां ही खरीदेगी। वित्त विभाग के प्रमुख सचिव वैभव गालरिया की ओर से जारी परिपत्र में र्इंधन बचाने के साथ सरकारी विभागों में खर्च घटाने के लिए छह बिन्दुओं के साथ गाइडलाइन जारी की है।
राजकीय वाहनों का उपयोग एवं यात्राएं: मंत्री, समस्त निगम, आयोग के पदाधिकारी अपने कारकेड में न्यूनतम वाहनों का उपयोग करेंगे। भविष्य में फेजवार ईवी वाहन खरीदे जाएंगे। अधिकारी-कर्मचारी आने-जाने में निजी वाहनों में कार पूलिंग करेंगे। राजकीय व्यय से विदेश यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
राजकीय कार्यक्रमों एवं बैठक: सरकारी कार्यक्रमों, समारोह सरकारी भवनों में किए जाएंगे। बैठकों का आयोजन यथासंभव वीसी के माध्यम से किया जा सकेगा।
डिजिटल कार्य प्रणाली, प्रशिक्षण: कार्यालयों के मध्य ई-ऑफिस, ई-फाइल का उपयोग करेंगे, भौतिक पत्राचार के स्थान पर राजकाज पोर्टल को प्राथमिकता देंगे। प्रशिक्षण के लिए कर्मयोगी पोर्टल का अधिकतम उपयोग किया जाए।
योजनाओं का क्रियान्वयन: पीएम सूर्यघर योजना के अन्तर्गत घरेलू और ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना को प्राथमिकता दी जाए। कृषि में आॅर्गेनिक खाद को बढ़ावा, यूरिया का न्यूनतम उपयोग, उर्वरकों के उपयोग को औचित्यपूर्ण करने के कार्यों के लिए विशेष अभियान शुरू किया जाए।
भवनों में सौर ऊर्जा: सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की जाए। दफ्तरों में विद्युत उपकरणों का उपयोग मितव्ययता से किया जाए एवं उपकरणों को बंद किया जाए।
परिपत्र की प्रभावशीलता: व्यय नियंत्रण के लिए उपयुक्त दिशा निर्देशों की कठोरता से अनुपालना के लिए प्रशासनिक विभाग के प्रभारी सचिव, विभागाध्यक्ष उत्तरदायी होंगे। अति आवश्यक प्रकरणों में विभागों से प्रस्ताव प्राप्त होने पर वित्त विभाग शिथिलन दे सकेगा।

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