नवाब दादा कायम खां शहीद दिवस पर भव्य सम्मान समारोह, कायम रत्न अवॉर्ड्स से नवाजे गए लोग
प्रतिभाएं 'कायम रत्न' से सम्मानित
जयपुर: मौलाना अबुल कलाम आजाद वेलफेयर सोसायटी राजस्थान की ओर से रविवार को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में नवाब दादा कायम खां शहीद दिवस एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। राजस्थान वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. खानू खान बुधवाली के नेतृत्व में यह कार्यक्रम नवाब दादा कायम खां की 607वीं शहादत की याद में आयोजित हुआ, जिसमें शौर्य, बलिदान और देशभक्ति की मिसाल पेश करने वाले वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सीएम अशोक गहलोत शामिल हुए। उन्होंने नवाब दादा कायम खां की वीरता और अमर बलिदान को कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि कायमखानी कौम का इतिहास शौर्य, पराक्रम और अटूट देशभक्ति की मिसाल रहा है। 1965, 1971 के युद्धों से लेकर कारगिल तक इस वीर कौम के जांबाजों ने देश की रक्षा के लिए शहादत दी है। पूरे प्रदेश को इस गौरवशाली अतीत पर नाज है। गहलोत ने सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रभक्ति और नई पीढ़ी को प्रेरणा देने पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एआईसीसी महासचिव एवं राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक ने की।
पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कायमखानी एक बहादुर कौम है और सबको इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, सांसद राहुल कस्वां, इमरान मसूद, अशोक चांदना, विधायक रफीक खान, हाकम अली, अमीन कागजी, जाकिर गैसावत सहित अनेक कांग्रेस नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की। समारोह में कायम रत्न अवॉर्ड्स-2026 प्रदान किए गए। शिक्षा, खेल, समाजसेवा, सैन्य सेवा, साहित्य और जनकल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं, वीर चक्र,शौर्य चक्र प्राप्त सैनिकों, अर्जुन पुरस्कार विजेताओं, ओलंपिक खिलाड़ियों तथा दिवंगत मंत्रियों-विधायकों के परिजनों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में फातिहा खानी, श्रद्धांजलि, सांस्कृतिक कार्यक्रम और संबोधनों का सिलसिला चला। बुधवाली ने बताया कि यह आयोजन मात्र श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि शहादत की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और सामाजिक एकता का संदेश देने का माध्यम है। हजारों की उपस्थिति में कार्यक्रम ने गंगा-जमुनी तहजीब और राष्ट्रभक्ति की मिसाल पेश की। इस अवसर पर युवाओं को देशसेवा और समाजसेवा के प्रति प्रोत्साहित किया गया।

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