राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में हिन्दी कार्यशाला : हिंदी और संस्कृत के अन्तः सम्बन्ध विषय पर व्याख्यान किया प्रस्तुत, प्रतिभागियों को भाषा के गहन अध्ययन तथा उसके महत्व को समझने का मिला अवसर
हिन्दी एवं संस्कृत के परस्पर संबंधों पर सार्थक चर्चा
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में आयोजित हिन्दी कार्यशाला में डीन शास्त्री कौशलेंद्र दास ने हिन्दी-संस्कृत के अंतर्संबंधों पर प्रभावी व्याख्यान दिया। चर्चा के दौरान प्रतिभागियों को भाषा के महत्व की गहन समझ मिली। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. शमशा फ़ियाज़ ने की। संयुक्त निदेशक जे.पी. शर्मा, डॉ. राकेश नागर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
जयपुर। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में हिन्दी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर के अधिष्ठाता (डीन) शास्त्री कौशलेंद्र दास ने विषय विशेषज्ञ के रूप में हिन्दी और संस्कृत के अन्तःसम्बन्ध विषय पर ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। कार्यशाला के दौरान हिन्दी एवं संस्कृत के परस्पर संबंधों पर सार्थक चर्चा हुई।
प्रतिभागियों को भाषा के गहन अध्ययन तथा उसके महत्व को समझने का अवसर प्राप्त हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता शालाक्य तंत्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. शमशा फ़ियाज़ ने की। इस अवसर पर संयुक्त निदेशक जे.पी. शर्मा, राजभाषा अधिकारी डॉ. राकेश नागर सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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