कैसे जिए इस समाज में नारी, जहां दरिंदे बसते हों : गैंगरेप, अपहरण, हत्या और लूट के दो दरिंदों को सजा
जज ने फैसला सुनाते हुए कविता में बयां किया महिला का दर्द
अपर सैशन न्यायालय की जज एडीजे रीतू चौधरी ने शुक्रवार को करीब 4 साल पूर्व महिला का अपहरण, गैंगरेप, लूट एवं हत्या के दो दोषियों कालूराम मीना व संजू मीना को फांसी की सजा सुनाई है। प्रकरण के अनुसार दोनों ने एक महिला को लिफ्ट देने के बहाने अपनी कार में बिठा लिया।
लालसोट। अपर सैशन न्यायालय की जज एडीजे रीतू चौधरी ने शुक्रवार को करीब 4 साल पूर्व महिला का अपहरण, गैंगरेप, लूट एवं हत्या के दो दोषियों कालूराम मीना व संजू मीना को फांसी की सजा सुनाई है। प्रकरण के अनुसार दोनों ने एक महिला को लिफ्ट देने के बहाने अपनी कार में बिठा लिया। रास्ते में नदी क्षेत्र मेें उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। महिला ने जब विरोध किया तो आरोपियों ने दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। महिला का शव नई नाथ के जंगलों में एक कुएं से बरामद किया गया।
45 गवाह के बयान कराए गए
मामले में अभियोजन की ओर से 45 गवाह के बयान कराए गए एवं 145 दस्तावेज पेश किए गए। दोनों आरोपियों ने नकदी, चांदी की चेन, कानों के सोने के टॉप्स भी लूट लिए थे। जो बाद में बरामद किए गए।
यूं चला घटनाक्रम
23 अप्रैल, 2022 को विवाहिता अपहरण, गैंग रेप लूट व हत्या हुई। 24 अप्रैल को गुमशुदगी दर्ज। 25 अप्रैल को एक आरोपी कालूराम मीना गिरफ्तार, उसी दिन मृतका का शव कुएं से बरामद किया गया। 26 अप्रैल को आरोपी संजू मीना गिरफ्तार। 4 मई को एसआईटी का गठन हुआ। जुलाई 2022 में न्यायालय में चार्ज शीट पेश। 19 फरवरी 2026 को दोनों दोषी करार।
जज ने पढ़ी कविता
गूंजती है आज भी फि जां में हजारों सिसकियां, घुट, घुट कर तड़पती हैं इस समाज में बेटियां। किस्सा बलात्कार का आज फिर अखबार में छपेगा, एक बेटी के खून से आज फि र अखबार सनेगा, क्या था कसूर मेरा, क्या बेटी होना ही कसूर था मेरा। कैसे जिए इस समाज में नारी जहां दरिंदे बसते हों, भेड़ियों ने जहां इंसान के चेहरे पहने हों, आखिर कब तक नारी की इज्जत यूं तार-तार होगी, आखिर कब इस समाज की गलियां बेटियों के लिए सुरक्षित होंगी।

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