खेजड़ी की अवैध कटाई के मामले गंभीर चिंता का विषय : पर्यावरण प्रेमियों ने किया प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौप ज्ञापन
राज्य के पर्यावरणीय संतुलन के लिए गंभीर खतरा
राजस्थान का राज्य वृक्ष खेजड़ी होने के बावजूद प्रदेश में इसकी अवैध कटाई के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा। राज्य सरकार के राजस्व विभाग द्वारा खेजड़ी की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद कई क्षेत्रों में खुलेआम नियमों की अनदेखी की जा रही है।
जोधपुर। राजस्थान का राज्य वृक्ष खेजड़ी होने के बावजूद प्रदेश में इसकी अवैध कटाई के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। राज्य सरकार के राजस्व विभाग द्वारा खेजड़ी की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद कई क्षेत्रों में खुलेआम नियमों की अनदेखी की जा रही है। हाल ही में बीकानेर में अवैध कटाई के विरोध में आयोजित एक बैठक में पर्यावरण प्रेमियों और सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच विस्तृत चर्चा हुई थी। बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने खेजड़ी संरक्षण के लिए शीघ्र सख्त कानून लाने का आश्वासन दिया था और तब तक कटाई पूरी तरह बंद रखने की बात कही थी। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर इन आदेशों का प्रभावी क्रियान्वयन नजर नहीं आ रहा है। हालात यह हैं कि जो पर्यावरण प्रेमी खेजड़ी बचाने के लिए मौके पर पहुंचकर विरोध करते हैं, उन्हें ही झूठे मुकदमों में फंसाकर परेशान किया जा रहा है।
इसी संदर्भ में पर्यावरण संघर्ष समिति धोरीमना ने पुलिस थाने में पर्यावरण प्रेमी दिनेश ढाका एवं उनके साथियों के खिलाफ दर्ज शिकायत का कड़ा विरोध जताया है। समिति ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और षड्यंत्रपूर्वक झूठी शिकायत दर्ज कराने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि समय रहते खेजड़ी संरक्षण के लिए ठोस और सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह राज्य के पर्यावरणीय संतुलन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। रामनिवास बुध नगर ने बताया कि खेजड़ी बचाव के लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सोपा ज्ञापन।

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