फर्जी बैकलॉग के मामले में जयपुर आरटीओ प्रथम ने दी थाने में शिकायत, जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा
वाहनों को मोटर कार की श्रेणी में बदल दिया
भौतिक निरीक्षण में शामिल नहीं हुए 1000 से अधिक वाहनों की आरसी निरस्त करने की प्रक्रिया कल से शुरू की जाएगी।
जयपुर। जयपुर आरटीओ प्रथम कार्यालय में थ्री डिजिट बैकलॉग की जांच पूरी होते ही बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि बैकलॉग का अधिकतर हिस्सा गलत तरीकों से तैयार किया गया था। इस मामले में आरोपी कार्मिकों, दलालों और वाहन स्वामियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए गांधीनगर थाने में रिपोर्ट दी गई है। जांच में दो दर्जन से अधिक कार्मिकों के नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
भौतिक निरीक्षण में शामिल नहीं हुए 1000 से अधिक वाहनों की आरसी निरस्त करने की प्रक्रिया कल से शुरू की जाएगी। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि इन्हीं फर्जी बैकलॉग के आधार पर संगठित तरीके से सलूंबर, झुनझुनूं, सवाई माधोपुर सहित विभिन्न जिलों में अवैध रिटेंशन कराए गए। नियमों को ताक पर रखते हुए ट्रक, बस और स्कूटर जैसे वाहनों को मोटर कार की श्रेणी में बदल दिया गया।
जांच में यह भी उजागर हुआ कि दलालों ने कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर यह पूरा खेल रचा। अब पुलिस की विस्तृत जांच में यह खुलासा होगा कि इस षड्यंत्र में और कौन-कौन लोग शामिल थे। आरटीओ राजेन्द्र सिंह ने बताया कि मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

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