लाइफ़लॉंग लर्निंग विभाग की पहल: हृदय आधारित ध्यान और सकारात्मक आदतों से विद्यार्थी गढ़ेंगे अपना भविष्य
राजस्थान विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू
राजस्थान विश्वविद्यालय में 'द आर्ट ऑफ लिविंग लाइफ डीपली' कार्यशाला का आगाज हुआ। डॉ. अमित शर्मा ने टीम वर्क और मानसिक शांति पर जोर दिया, जबकि डॉ. तनु रुंगटा ने हृदय आधारित ध्यान का प्रशिक्षण दिया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को तनावमुक्त जीवन और एकाग्रता के व्यावहारिक गुर सिखाना है।
जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के लाइफ़लॉंग लर्निंग विभाग द्वारा द आर्ट ऑफ लिविंग लाइफ डीपली विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का भव्य शुभारंभ बुधवार, 6 मई 2026 को किया गया। कार्यशाला के प्रथम दिन विद्यार्थियों को मानसिक शांति, एकाग्रता और टीम वर्क के व्यावहारिक गुर सिखाए गए। विभाग के निदेशक डॉ. अमित शर्मा ने विभाग के विजन पर प्रकाश डालते हुए सत्र की शुरुआत की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि, सफलता के लिए ईमानदारी और एकजुट होकर कार्य करना अनिवार्य है। डॉ. शर्मा ने दैनिक जीवन की अच्छी आदतों के महत्व पर जोर दिया और बताया कि कैसे छोटे-छोटे अनुशासन जीवन में बड़े परिवर्तन ला सकते हैं।
कार्यशाला की समन्वयक डॉ. चित्रा चौधरी ने तीन दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर छिपी क्षमताओं को पहचानना और उन्हें तनावमुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। हृदय आधारित ध्यान का प्रशिक्षण प्रथम दिवस के मुख्य सत्र में आमंत्रित वक्ता डॉ. तनु रुंगटा ने हृदय आधारित ध्यान पर विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ध्यान के लाभों को साझा करते हुए इसके नियमित अभ्यास की विधि समझाई। डॉ. रुंगटा ने विद्यार्थियों को ध्यान का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया, जिससे प्रतिभागियों ने स्वयं मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।

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