अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस आज... राजस्थान में 4 लाख से ज्यादा नर्सेज, फिर भी प्रशासनिक ढांचा कमजोर
डॉक्टर्स संभाल रहे नर्सिंग अधीक्षक की जिम्मेदारी
अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस पर राजस्थान में नर्सिंगकर्मियों ने वर्षों पुरानी मांगें दोहराईं। नर्सिंग निदेशालय गठन, 10-12 हजार भर्ती और लंबित पदोन्नति की मांग उठी। 4.15 लाख रजिस्टर्ड नर्सेज होने के बावजूद अस्पतालों में स्टाफ व प्रशासनिक पदों की भारी कमी है। कई जिलों में नर्सिंग अधीक्षक की जिम्मेदारी डॉक्टर संभाल रहे हैं।
जयपुर। हर साल 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्सेज दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन फ्लोरेंस नाइटेंगल की जयंती पर प्रदेशभर में नर्सिंगकर्मी सेवा, समर्पण और मानवता के दायित्व को याद करते हैं। इस बार नर्सेज दिवस केवल उत्सव तक सीमित नहीं, नर्सिंग कर्मियों की वर्षों पुरानी मांगें भी चर्चा में हैं। नर्सेज ने राज्य सरकार से नर्सिंग निदेशालय गठन, 10 से 12 हजार रिक्त पदों पर भर्ती और लंबित पदोन्नतियां पूरी करने की मांग उठाई है। नर्सेज का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के अनुपात में नर्सेज की भारी कमी है, इसके कारण मरीजों को उचित केयर नहीं मिल पाती।
डॉक्टर्स संभाल रहे नर्सिंग अधीक्षक की जिम्मेदारी
राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष मनोज दुब्बी के अनुसार राजस्थान में 4.15 लाख रजिस्टर्ड नर्सेज हैं। 2023 में यह संख्या करीब 2.57 लाख थी, जो 2026 में 4 लाख से अधिक हो चुकी है। इसके बावजूद नर्सिंग प्रशासनिक व्यवस्था अभी भी विकसित नहीं हो पाई है। प्रदेश में 50 हजार नियमित नर्सिंग ऑफिसर और सीनियर नर्सिंग ऑफिसर कार्यरत हैं। जिला नर्सिंग अधीक्षक के केवल 11 पद स्वीकृत हैं, जबकि प्रदेश में 41 जिले हैं। स्थिति यह है कि ये पद भी खाली पड़े हैं और कई जगह डॉक्टरों को अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। डिप्टी डायरेक्टर ऑफ नर्सिंग के तीनों पद भी रिक्त हैं।
राजस्थान में नर्सिंग कैडर की स्थिति
- राजस्थान नर्सिंग काउंसिल में 4.15 लाख रजिस्टर्ड नर्सेज
- नियमित नर्सिंग ऑफिसर व सीनियर नर्सिंग ऑफिसर की संख्या 50 हजार
- नर्सिंग अधीक्षक के स्वीकृत पद 500
- जिला नर्सिंग अधीक्षक के स्वीकृत पद 11
- राजस्थान में कुल जिले 41
- डिप्टी डायरेक्टर ऑफ नर्सिंग के पद तीन
- अधिकांश प्रशासनिक पद वर्तमान में रिक्त
क्या कहते हैं आईएनसी के नियम
इंडियन नर्सिंग काउंसिल के नियमों के अनुसार आईसीयू में भर्ती 3 मरीजों पर एक नर्स का होना जरूरी है। मरीज ज्यादा गंभीर है तो एक बैड पर एक नर्सिंगकर्मी होना चाहिए। जनरल वार्ड में छह मरीजों पर एक नर्स का होना जरूरी है।

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