जयपुर आर्ट वीक 5.0 दूसरा दिन : कलाकारों ने सितार और तबले पर दी मनमोहक प्रस्तुति
शास्त्रीय संगीत को ध्यान और आत्मिक अनुभव
जयपुर आर्ट वीक: एडिशन 5.0 के दूसरे दिन कला, स्मृति और समकालीन चेतना ने शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर एक सशक्त संवाद रचा। सुबह से शाम तक चले विविध आयोजनों ने यह साबित किया कि आर्ट वीक अब केवल कला उत्सव नहीं, बल्कि विचार और अनुभूति का मंच बन चुका।
जयपुर। जयपुर आर्ट वीक: एडिशन 5.0 के दूसरे दिन बुधवार को कला, स्मृति और समकालीन चेतना ने शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर एक सशक्त संवाद रचा। सुबह से शाम तक चले विविध आयोजनों ने यह साबित किया कि आर्ट वीक अब केवल कला उत्सव नहीं, बल्कि विचार और अनुभूति का मंच बन चुका है।
ऐतिहासिक वातावरण में सितार और तबले की रागात्मक प्रस्तुति ने शास्त्रीय संगीत को ध्यान और आत्मिक अनुभव से जोड़ा। दिन का प्रमुख आकर्षण वरिष्ठ कलाकार अनिता दूबे की चर्चित कृति अंधा युग रही, जिसने सत्ता, हिंसा और नैतिक जिम्मेदारी जैसे समकालीन मुद्दों पर गहन प्रश्न खड़े किए। शाम को ज्ञान म्यूजियम में आयोजित क्यूरेटेड वॉकथ्रू ने दर्शकों को समकालीन और पारंपरिक कला के बीच संवाद से रूबरू कराया गया।

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