जूली ने फिर साधा भाजपा सरकार पर निशाना, कहा- राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं की हुई दयनीय स्थिति

अत्यंत दुखद और पीड़ादायक घटना

जूली ने फिर साधा भाजपा सरकार पर निशाना, कहा- राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं की हुई दयनीय स्थिति
ऐसी घोर असफलता के लिए आपके जिम्मेदारों को जिम्मेदारी तय कर तुरंत कार्रवाई करना अति आवश्यक है l

जयपुर। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। जूली ने कहा है कि राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति शर्मनाक और दयनीय हो चुकी है। प्रतापगढ़ के सरकारी अस्पताल में मरीज एक घंटे तक तड़पते रहे, न एंबुलेंस उपलब्ध हुई, न ईसीजी की गई और न ही उचित इलाज मिला और मरीज तहसीलदार की मृत्यु हो गई।

यह अत्यंत दुखद और पीड़ादायक घटना है। यह केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे सरकारी तंत्र की पूर्ण विफलता का जीवंत प्रमाण है। यह घटना हेल्थ विभाग की नाकामी और सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं में सच्चाई का आईना है। प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसी घोर असफलता के लिए आपके जिम्मेदारों को जिम्मेदारी तय कर तुरंत कार्रवाई करना अति आवश्यक है l राजस्थान की जनता अब और त्रासदी सहन करने की स्थिति में नहीं है।

Post Comment

Comment List

Latest News

महाराणा प्रताप जयंती पर शुभकामनाएं: सीएम भजनलाल शर्मा ने दी बधाई, स्वाभिमान और देश सेवा का किया आह्वान महाराणा प्रताप जयंती पर शुभकामनाएं: सीएम भजनलाल शर्मा ने दी बधाई, स्वाभिमान और देश सेवा का किया आह्वान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महाराणा प्रताप जयंती पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने वीर शिरोमणि को महान योद्धा...
कर्नाटक में सियासी संग्राम तेज: RSS पर सवाल उठाने पर भड़के विजयेंद्र, नेशनल हेराल्ड विवाद फिर गरमाया
मेक-इन-इंडिया उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता, वित्त विभाग ने जारी किए नए दिशा-निर्देश
युद्धविराम पर मुहर! ट्रंप बोले- जल्द सामने आएंगे समझौते के पूरे राज
राम मंदिर चंदा विवाद गरमाया: अयोध्या में कथित घोटालों पर कांग्रेस का केंद्र पर निशाना, SIT की निष्पक्षता पर भी सवाल
इंडिया स्टोनमार्ट-2028 : रीको, सिडोस और लघु उद्योग भारती के मध्य त्रि-पक्षीय एमओयू
केकड़ी एसडीओ सुरेश कुमार को सरवाड़ एसडीओ का अतिरिक्त प्रभार, प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव