एथेनॉल नीति के विरोध में पशुपालकों का एम-20 आंदोलन : देशभर में अभियान चलाने का किया ऐलान, कहा- किसान, दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है एथेनॉल नीति का असर
निष्पक्ष जांच कराने की मांग की
जयपुर। केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति के विरोध में जयपुर के पशुपालकों ने ‘एम-20 आंदोलन’ शुरू करने की घोषणा की है। जयपुर दुग्ध उत्पादक संघर्ष समिति ने मीडिया को बताया कि यह आंदोलन किसानों, पशुपालकों, युवाओं और आम नागरिकों की आवाज को सामने लाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जाएगा। समिति अध्यक्ष रमन यादव ने कहा कि जिस तरह पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा दिया जा रहा है, उसके विरोध में किसानों ने प्रतीकात्मक रूप से दूध और पानी के मिश्रण को ‘एम-20’ नाम दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एथेनॉल नीति का असर किसानों, दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
यादव ने बताया कि आंदोलन केवल राजस्थान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों के किसान संगठनों, पशुपालकों और सामाजिक संगठनों को जोड़कर राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार दिया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति वापस लेने और इससे जुड़े निर्णयों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि एम-20 आंदोलन का उद्देश्य किसानों और आम नागरिकों के हितों से जुड़े मुद्दों पर जनमत तैयार करना है।

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