राजस्थान विश्वविद्यालय में महिला शौचालयों का अभाव, छात्राओं और महिला कर्मचारियों को परेशानी
कई विभागों में लेडीज टॉयलेट नहीं
जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय में महिला शौचालयों की कमी के कारण छात्राओं, महिला शोधार्थियों और महिला कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय के कई विभागों में लेडीज टॉयलेट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से महिलाओं को वॉशरूम के लिए दूसरे विभागों या भवनों में जाना पड़ता है। इससे उन्हें असुविधा होती है और कई बार समय भी बर्बाद होता है।
विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में छात्राएं नियमित रूप से कक्षाओं में शामिल होती हैं। इसके अलावा शोधार्थियों और महिला शिक्षकों का भी विभागों में आना-जाना रहता है। ऐसे में प्रत्येक विभाग में स्वच्छ और सुलभ महिला शौचालय होना आवश्यक है। इसके बावजूद कई विभागों में महिला शौचालयों की व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आ रही है।
महिला शौचालयों की कमी से विशेष रूप से उन छात्राओं को परेशानी होती है, जिन्हें लंबे समय तक कक्षाओं, प्रायोगिक कार्यों और शोध गतिविधियों में शामिल रहना पड़ता है। विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए यह आवश्यक है कि सभी विभागों में महिला शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। छात्राओं और महिला कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को सभी विभागों का सर्वे करवाकर आवश्यकतानुसार नए शौचालय बनवाने तथा मौजूदा सुविधाओं का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करना चाहिए।

Comment List