भूमि विकास बैंकों की वसूली में ढिलाई, भीलवाड़ा-अजमेर-केकड़ी सबसे पीछे
बैंकों का प्रदर्शन बेहद कमजोर
जयपुर। सहकारी भूमि विकास बैंकों में कर्ज वसूली की खराब स्थिति पर सहकारिता रजिस्ट्रार डॉ. समित शर्मा ने नाराजगी जताई है। समीक्षा में भीलवाड़ा, अजमेर और केकड़ी के भूमि विकास बैंकों का प्रदर्शन बेहद कमजोर सामने आया। इन बैंकों में अवधिपार ऋणों की वसूली और वित्तीय प्रबंधन की स्थिति पर सवाल उठे। डॉ. शर्मा ने बकाया ऋणों की सभी फाइलें पोर्टल पर अपलोड करने, ऋण संबंधी दस्तावेजों की जांच करने और वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने ऋण वितरण के लक्ष्यों और अधिकारियों की जवाबदेही पर भी जोर दिया। दूसरी ओर, अक्टूबर 2026 में सहकारी उपभोक्ता भंडारों के प्रदर्शन की रैंकिंग में ब्यावर ने बाजी मारी। ब्यावर पहले, टोंक दूसरे और उदयपुर तीसरे स्थान पर रहा।
रैंकिंग दवाइयों की बिक्री, उपभोक्ता सामग्री, जनऔषधि केंद्रों के संचालन और वित्तीय प्रबंधन के आधार पर तय की गई। डॉ. शर्मा ने क्रय-विक्रय सहकारी संघ, उपभोक्ता सहकारी संघ और भूमि विकास बैंकों की समीक्षा की। कमजोर प्रदर्शन करने वाले भंडारों को कामकाज में सुधार लाने और नए तरीके अपनाने के निर्देश दिए।

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