जान पर बन आई : जयपुर की खदान में 100 फीट ऊँची चट्टानें ढहीं, ट्रैक्टर-ट्रॉली दबकर चीखें गूँजीं
पुलिस मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा ले रही
हरमाड़ा के दादर बावड़ी इलाके में खदान धसने से दो ट्रैक्टर-ट्रॉली दब गईं। हादसे में ड्राइवर सरदार मल गुर्जर (34) गंभीर रूप से घायल हुए। साथी मजदूरों ने उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस खदान मालिकों से सुरक्षा मानकों की जांच कर रही है। प्रशासन से खदानों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की मांग उठी।
जयपुर। दिल दहला देने वाला हादसा गुरुवार सुबह हरमाड़ा के दादर बावड़ी इलाके में पत्थर की खदान में हुआ। अचानक 100 फीट ऊँचाई से विशाल चट्टानें तेज़ी से ढह पड़ीं और दो ट्रैक्टर-ट्रॉली पूरी तरह दब गईं। हादसे में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली का ड्राइवर सरदार मल गुर्जर (34) पत्थरों के नीचे दब गया, जिसके पैर में गंभीर फ्रैक्चर हो गया।
सूत्रों के अनुसार, सुबह करीब 8 बजे दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉली पत्थर लोड करने के लिए खदान पर पहुँची थीं। पत्थर भरते समय अचानक पूरी खदान का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। सैकड़ों टन वजनी चट्टानें और पत्थर तेज़ रफ्तार से नीचे गिरने लगे। वहाँ मौजूद दोनों ड्राइवर और दो मजदूर अपनी जान बचाने के लिए जान जोखिम में डालकर भागे, लेकिन सरदार मल गुर्जर भाग नहीं पाए और पत्थरों के नीचे दब गए।किस्मत से साथी मजदूरों और मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें बाहर निकाला। घायल ड्राइवर को गंभीर हालत में हरमाड़ा थाना पुलिस ने तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
हेड कॉन्स्टेबल निरंजन ने बताया कि पुलिस मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा ले रही है। खदान मालिकों से पूछताछ की जा रही है कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। ऐसे हादसे बार-बार सामने आने से मजदूरों और ड्राइवरों में खदान क्षेत्रों को लेकर डर का माहौल है।प्रशासन से माँग उठ रही है कि ऐसी खतरनाक खदानों में सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए, ताकि जिंदगियाँ दोबारा किसी पत्थर के नीचे न दब जाएँ।

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