पान मसाला और तंबाकू उत्पादों की एमआरपी के आधार पर लगेगा जीएसटी, नए नियम 1 फरवरी से पूरे प्रदेश में लागू
बशर्ते सप्लायर ने एमआरपी के आधार पर टैक्स
राजस्थान सरकार ने पान मसाला, तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों पर जीएसटी वसूली के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। वित्त विभाग ने 29 जनवरी 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। नए नियम 1 फरवरी 2026 से पूरे प्रदेश में लागू।
जयपुर। राजस्थान सरकार ने पान मसाला, तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों पर जीएसटी वसूली के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। वित्त विभाग ने 29 जनवरी 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। नए नियम 1 फरवरी 2026 से पूरे प्रदेश में लागू होंगे। सरकार ने राजस्थान जीएसटी नियम, 2017 में नया नियम 31D जोड़ा है। इसके तहत पान मसाला, कच्चा तंबाकू, सिगरेट, सिगार, बीड़ी को छोड़कर अन्य तंबाकू उत्पाद और बिना जलाए सेवन किए जाने वाले तंबाकू या निकोटिन वाले उत्पादों पर अब टैक्स उनकी पैकिंग पर लिखी अधिकतम खुदरा बिक्री कीमत (एमआरपी) के आधार पर लगेगा। यानी अब इन वस्तुओं की टैक्स वैल्यू एमआरपी मानी जाएगी, जिसमें से टैक्स की राशि घटाकर गणना की जाएगी।
यदि किसी पैकेट पर एक से अधिक एमआरपी लिखी है, तो सबसे ज्यादा एमआरपी को आधार माना जाएगा। वहीं अगर किसी स्तर पर एमआरपी बढ़ाई जाती है, तो बढ़ी हुई कीमत ही मान्य होगी। अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग एमआरपी होने पर उसी क्षेत्र की एमआरपी लागू होगी। इसके अलावा नियम 31B में भी संशोधन किया गया है। अब ऐसे व्यापारी जो निर्माता नहीं हैं, उन्हें इन उत्पादों पर अलग से टैक्स नियमों का पालन नहीं करना होगा, बशर्ते सप्लायर ने एमआरपी के आधार पर टैक्स चुका दिया हो।

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