यूजीसी काले कानून के विरोध में शंखनाद सभा, 1 फरवरी को शहीद स्मारक पर होगा जनआक्रोश
छात्रों के भविष्य को अनिश्चितता की ओर धकेल रहा
देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर कथित हमले और यूजीसी के नए कानून के विरोध में 1 फरवरी रविवार को शहीद स्मारक, जयपुर में शंखनाद सभा का आयोजन किया जाएगा। यह सभा दोपहर 12 बजे से प्रारंभ होगी।
जयपुर। देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर कथित हमले और यूजीसी के नए कानून के विरोध में 1 फरवरी रविवार को शहीद स्मारक, जयपुर में शंखनाद सभा का आयोजन किया जाएगा। यह सभा दोपहर 12 बजे से प्रारंभ होगी। आयोजन का उद्देश्य यूजीसी के उस कानून के खिलाफ जनआक्रोश को संगठित करना है, जिसे शिक्षा की स्वायत्तता समाप्त करने, जातीय भेदभाव को बढ़ावा देने और शिक्षकों व विद्यार्थियों की आवाज दबाने वाला बताया जा रहा है। सभा को लेकर ब्राह्मण नेता सुनील उज्जैनिया, बिर्दीचंद शर्मा,एसडी शर्मा सहित अन्य सामाजिक व शैक्षणिक नेताओं ने कहा कि आज़ादी के 80 वर्षों में सभी सरकारों ने संविधान की मूल भावना से हटकर नीतियां बनाई हैं, जिससे शिक्षा, नौकरी और छात्रवृत्ति के क्षेत्र में जातिगत भेदभाव बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी का नया कानून विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर सीधा प्रहार है और यह छात्रों के भविष्य को अनिश्चितता की ओर धकेल रहा है।
नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यूजीसी काला कानून वापस लो, शिक्षा पर हमला बंद करो और जातीय भेदभाव समाप्त करो जैसे नारों के साथ इस सभा के माध्यम से सरकार तक विरोध की आवाज़ पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण लेकिन पूरी मजबूती के साथ चलाया जाएगा। सभा में विद्यार्थी, शिक्षक, कर्मचारी और आम नागरिक बड़ी संख्या में भाग लेंगे।

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