जल जीवन मिशन घोटाला : एफआईआर रद्द कराने हाईकोर्ट पहुंचे पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल, अगले सप्ताह सुनवाई
पूर्व आईएएस अधिकारी के कार्यकाल में ही टेंडर प्राप्त
जल जीवन मिशन घोटाले में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल ने हाईकोर्ट में आपराधिक याचिका दायर की है। याचिका पर हाईकोर्ट अगले सप्ताह सुनवाई करेगा।
जयपुर। जल जीवन मिशन घोटाले में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल ने हाईकोर्ट में आपराधिक याचिका दायर की है। याचिका पर हाईकोर्ट अगले सप्ताह सुनवाई करेगा। सुबोध अग्रवाल के अधिवक्ता दीपक चौहान ने बताया कि याचिकाकर्ता सुबोध अग्रवाल का पीएचईडी में 18 अप्रैल, 2022 से कार्यकाल आरंभ हुआ था। वहीं इससे पूर्व में गणपति ट्यूबवेल और श्याम ट्यूबवेल की ओर से इरकॉन के फर्जी प्रमाण पत्र पेश कर पूर्व आईएएस अधिकारी के कार्यकाल में ही टेंडर प्राप्त कर लिए थे।
याचिका में ये कहा
याचिका में कहा गया कि आरोपी फ र्म को दिए गए 95 फीसदी वर्क ऑर्डर तत्कालीन एसीएस सुधांश पंत की अध्यक्षता में बनी वित्त कमेटी ने स्वीकृत किए थे। केवल दस फीसदी से भी कम वेल्यू के टेंडर की स्वीकृति याचिकाकर्ता के कार्यकाल में दी गई थी। इसके बावजूद भी एसीबी ने इस संबंध में जांच नहीं की। इसके अलावा याचिकाकर्ता की अध्यक्षता में गठित वित्त कमेटी ने स्वीकृत किए गए टेंडर में एक भी पैसा दोनों फ मार्े को नहीं दिया गया। जिससे सरकार को याचिकाकर्ता के कार्यकाल में कोई आर्थिक क्षति नहीं हुई।
टेंडर निरस्त कर उन्हें ब्लैक लिस्ट की कार्रवाई की
याचिका में कहा गया कि इरकॉन से ईमेल आते ही याचिकाकर्ता ने हाईलेवल कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही याचिकाकर्ता के कार्यकाल में दोनों फ र्म का टेंडर निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया और अधिकारी विशाल सक्सेना पर भी कानूनी कार्रवाई की गई। याचिका में यह भी कहा गया कि एसीबी की ओर से विशाल सक्सेना के बयानों का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की है। जबकि याचिकाकर्ता ने विशाल सक्सेना के खिलाफ एफ आईआर दर्ज कराई थी। जिसके चलते वह याचिकाकर्ता से ईष्र्या रखता है।

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