प्रदेश के तीन बड़े बांधों पर होंगे बड़े सुधार कार्य, चंबल नदी के जल प्रवाह प्रबंधन को और मजबूती
कोटा और बूंदी जिलों की पेयजल एवं सिंचाई व्यवस्था को मजबूती
जल संसाधन विभाग प्रदेश के तीन प्रमुख बांधों—कोटा बैराज, राणा प्रताप सागर और जवाहर सागर बांध—पर बड़े स्तर पर सुधार एवं आधुनिकीकरण कार्य करवाएगा। इन कार्यों का उद्देश्य बांधों की सुरक्षा बढ़ाना, बाढ़ प्रबंधन को मजबूत करना और सिंचाई-पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाना।
जयपुर। जल संसाधन विभाग प्रदेश के तीन प्रमुख बांधों—कोटा बैराज, राणा प्रताप सागर और जवाहर सागर बांध—पर बड़े स्तर पर सुधार एवं आधुनिकीकरण कार्य करवाएगा। इन कार्यों का उद्देश्य बांधों की सुरक्षा बढ़ाना, बाढ़ प्रबंधन को मजबूत करना और सिंचाई-पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाना है। कोटा बैराज में 66 साल बाद बड़े हाइड्रो-मैकेनिकल रिप्लेसमेंट कार्य होंगे। यहां 19 रेडियल गेट, 2 स्लुइस गेट, 2 स्टॉपलोग गेट, गैन्ट्री क्रेन और विद्युत उपकरण बदले जाएंगे। इससे कोटा और बूंदी जिलों की पेयजल एवं सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
राणा प्रताप सागर बांध पर 17 वर्टिकल क्रेस्ट गेट, 4 स्लुइस गेट, स्टॉपलोग गेट और गेन्ट्री क्रेन बदले जाएंगे। साथ ही स्काई-जंप बकेट की मरम्मत भी होगी। बांध की बाढ़ निकासी क्षमता 18,408 क्यूमेक्स तक है। करीब 33.66 मीटर ऊंचे जवाहर सागर बांध की सुरक्षा बढ़ाने के साथ 99 मेगावाट क्षमता वाले पावर हाउस की दक्षता सुधारने पर भी काम होगा। यहां 12 रेडियल गेटों का उन्नयन किया जाएगा, जिससे चंबल नदी के जल प्रवाह प्रबंधन को और मजबूती मिलेगी।

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