मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत योजना लागू, भूमि विकास बैंक ऋणधारकों के लिए बड़ी राहत
योजना का लाभ 1 अप्रैल 2025 से 30 सितंबर 2025 तक उठाया जा सकता है
जयपुर। सहकारिता विभाग ने "मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना वर्ष 2025-26 लागू की है। इस योजना का उद्देश्य प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों (PLDBs) के अवधिपार ऋणधारकों को राहत प्रदान करना है। यह योजना उन सभी ऋण खातों पर लागू होगी, जो एक जुलाई 2024 को अवधिपार की श्रेणी में हैं। हालांकि, 2014-15 से राज्य सरकार की 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना के तहत वितरित ऋणों में से अवधिपार खाते राहत के पात्र नहीं होंगे।
योजना की अवधि और शर्तें
योजना का लाभ 1 अप्रैल 2025 से 30 सितंबर 2025 तक उठाया जा सकता है। लाभार्थियों को 30 जून 2025 तक देय राशि का न्यूनतम 25 प्रतिशत बैंक में जमा करना अनिवार्य होगा। शेष राशि अधिकतम तीन किश्तों में योजना अवधि के दौरान चुकानी होगी।
राहत का प्रावधान
1 जुलाई 2024 की अवधिपार राशि में से 31 मार्च 2025 को शेष रही अवधिपार राशि पर राहत दी जाएगी।
पात्र ऋणी सदस्यों को अवधिपार ब्याज, दंडनीय ब्याज, और अन्य व्ययों पर शत-प्रतिशत राहत मिलेगी।
अवधिपार मूलधन और बीमा प्रीमियम पर राहत नहीं दी जाएगी।
ऋणी द्वारा सभी देय राशि का भुगतान करने के बाद ही राहत खाते में प्रदर्शित की जाएगी।
समझौता राशि का निर्धारण
1 जुलाई 2024 तक अवधिपार हो चुकी राशि और इसके बाद ड्यू हुई चालू किश्तों को सम्मिलित कर समझौता राशि का निर्धारण होगा। यह योजना राज्य के किसानों और भूमि विकास बैंक के ऋणधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है। योजना की अवधि सीमित होने के कारण, इच्छुक लाभार्थियों को शीघ्रता से कार्यवाही करनी होगी।

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