राजस्थान में जल्द आएगी नई टीडीआर नीति, 15 अगस्त तक प्रारूप अंतिम करने की तैयारी
नई नीति लागू करने की दिशा में काम
जयपुर। प्रदेश में शहरी विकास को गति देने और वर्तमान जरूरतों के अनुरूप विकास अधिकारों के हस्तांतरण (ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स-टीडीआर) व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार नई टीडीआर नीति लाने की तैयारी में है। इसके प्रारूप को अंतिम रूप देने के लिए नगरीय विकास एवं आवासन (यूडीएच) विभाग में तेजी से कवायद चल रही है। सूत्रों के अनुसार, अतिरिक्त मुख्य सचिव (यूडीएच) आलोक गुप्ता के स्तर पर नई नीति के विभिन्न प्रावधानों पर मंथन किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य 15 अगस्त तक नीति के प्रारूप को अंतिम रूप देना है, ताकि आगे आवश्यक स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
टीडीआर (Transferable Development Rights) नीति के तहत किसी भूमि के स्वीकृत निर्मित क्षेत्र (बिल्ट-अप/डेवलपमेंट राइट्स) के एक हिस्से का दूसरे स्थान पर हस्तांतरण संभव होता है। इसका उपयोग आमतौर पर सार्वजनिक परियोजनाओं, सड़क चौड़ीकरण, भूमि अधिग्रहण और नियोजित शहरी विकास को प्रोत्साहित करने के लिए किया जाता है। प्रदेश में वर्तमान टीडीआर नीति 4 अक्टूबर 2012 से लागू है। पिछले एक दशक में शहरी विकास की बदलती आवश्यकताओं, नए मास्टर प्लान और आधुनिक नगरीय नियोजन की जरूरतों को देखते हुए सरकार अब नई नीति लागू करने की दिशा में काम कर रही है। नई नीति में मौजूदा व्यवस्था की कमियों को दूर करने के साथ टीडीआर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाने पर जोर रहेगा।

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