गोद लिए गांवों को नशामुक्त बनाने की पहल, राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से मांगा सहयोग

पुलिस विभाग के सहयोग से इस संबंध में प्रभावी कार्यवाही

गोद लिए गांवों को नशामुक्त बनाने की पहल, राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से मांगा सहयोग
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत राजस्थान के विश्वविद्यालयों को गोद लिए गांवों में नशामुक्ति अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसरों के आसपास मादक पदार्थ बेचने वालों की पहचान कर पुलिस के सहयोग से कार्रवाई करने और युवाओं को नशे से बचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।

जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत राजस्थान में व्यापक अभियान चलाने और विश्वविद्यालयों द्वारा गोद लिए गांवों को नशा मुक्त किए जाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नशे की अधिकता वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां विशेष रूप से कार्यवाही किए जाने पर जोर दिया है। इस संबंध में बुधवार को उन्होंने प्रदेश के विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं से लोकभवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया।

उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका भी इस दौरान उपस्थित रहे। विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं से संवाद करते हुए राज्यपाल बागडे ने कहा कि विश्वविद्यालयों के आस—पास मादक पदार्थ बेचने वाले लोगों की पहचान की जाए। मादक पदार्थों की बिक्री और युवाओं को नशे की लत लगाने में लिप्त लोगों की पहचान के साथ ही ऐसे लोगों को पकड़वाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं। उन्होंने विश्वविद्यालयों द्वारा गांव गोद लेकर उनके विकास के लिए किए जाने वाले कार्यों में 'नशामुक्त गांव' की सोच भी सम्मिलित किए जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांवो में जाकर वहां के प्रतिष्ठित लोगों से संवाद कर नशा करने वाले और नशीले पदार्थों को उपलब्ध कराने वालों पर नजर रखते हुए पुलिस विभाग के सहयोग से इस संबंध में प्रभावी कार्यवाही की जाए। 

उन्होंने निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय अपने गोद लिए गांवों को नशामुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चलाएं और नशे की अधिकता वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। लोकभवन से बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में राज्यपाल ने प्रदेश के कुलगुरुओं से संवाद करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय परिसरों और उनके आसपास मादक पदार्थों की बिक्री करने वालों की पहचान कर पुलिस के सहयोग से उनके विरुद्ध कार्रवाई कराई जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए विश्वविद्यालयों को जागरूकता अभियान के साथ सामाजिक भागीदारी भी बढ़ानी होगी। राज्यपाल ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय गांव गोद लेने की अपनी योजनाओं में 'नशामुक्त गांव' की अवधारणा को भी शामिल करें। गांवों के प्रतिष्ठित नागरिकों के सहयोग से नशा करने वालों और नशीले पदार्थ उपलब्ध कराने वाले तत्वों पर नजर रखते हुए प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशामुक्त भारत के आह्वान का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालयों से 'माय भारत पोर्टल' पर अधिकाधिक पंजीकरण कराने और आगामी 100 सप्ताह तक चलने वाले नशामुक्त भारत अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। अभियान के तहत रैलियां, कार्यशालाएं और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

Post Comment

Comment List

Latest News

जयपुर कलेक्ट्रेट में ACB की बड़ी कार्रवाई, ADM ईस्ट के पीए को 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा जयपुर कलेक्ट्रेट में ACB की बड़ी कार्रवाई, ADM ईस्ट के पीए को 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा
जयपुर कलेक्ट्रेट में एसीबी ने बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए एडीएम ईस्ट कार्यालय में तैनात पीए मुकेश कुमार चौधरी को...
भाकपा ने की कंगना रनौत के बयान की निंदा, कहा- महिलाओं पर टिप्पणियों के लिए मांगे माफी, लोकतांत्रिक संवाद को कमजोर करते है ऐसे बयान
जापान: पीएम तकाइची ने की पुष्टि, भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 13
‘गुड लक जेरी’ के 4 साल पूरे, जाह्नवी कपूर के करियर की बनी अहम फिल्म
कोटा के सरकारी महाविद्यालयों में न मैदान, न पीटीआई; कैसे चमकेंगे कोटा के खिलाड़ी ?
अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी विदेश जाने की अनुमति, आंखों का कराएंगे ईलाज
गोद लिए गांवों को नशामुक्त बनाने की पहल, राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से मांगा सहयोग