बजट और नियमों के पेंच में उलझी एमबीएस नर्सिंग कॉलेज छात्राओं की सुविधाएं
तैयार भवन में दो बार हो चुकी चोरी
कोटा। जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के नए हॉस्टल का निर्माण और हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद इसका संचालन अधर में लटका हुआ है। चार मंजिला भवन बनकर तैयार होने के बाद हैण्डओवर की प्रक्रिया पुरी कियें भी पुरा 1 वर्ष से हो जाने के बाद भी वर्तमान में जीएनएम छात्राएं एएनएमटीसी भवन में रहने को मजबूर हैं, जहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और पूर्व में अस्वच्छ वातावरण के कारण छात्राओं में बीमारियां फैलने जैसी गंभीर घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद नए भवन में शिफ्टिंग की प्रक्रिया गति नहीं पकड़ पा रही है। वहीं तैयार बिल्डिंग में चोरों द्वारा यहा लगे सेनेटरी फिटिंग व बाहर लगे एसी के आउटडोर युनिट भी चुराकर ले जाने की घटनाएं हो चुकी है।
प्रशासनिक सूत्रों से पता लगा है कि नए हॉस्टल को पूर्ण रूप से संचालित करने के लिए एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) से करीब 55 लाख के अतिरिक्त बजट की मांग की गई है। 1.91 लाख प्रति माह के एस्टिमेट में सिक्योरिटी, कुक हैल्पर, सफाई कर्मी सहित अन्य मदों की डिमाण्ड़ रखी गई है। इसके अलावा, हॉस्टल परिसर में गैस आपूर्ति के लिए एलपीजी कनेक्शन की फाइल प्रक्रियाधीन है,जबकि अन्य मूलभूत आवश्यकताओं और फर्नीचर इत्यादि की व्यवस्था के लिए भी अतिरिक्त बजट की आवश्यकता जताई जा रही है।
पूरी सुविधा नहीं फीस कैसे तय होगी
प्रिंसीपल हरिप्रसाद अग्रवाल का कहना है कि यहां करीब 22 कमरें है जिनमें 44 छात्राओं के रहने के लिए बनाया गया है। हमारे पास बैड की व्यवस्था नहीं है ऐसे मे यहां पर छात्राओं को रहने के लिए नही दिया जा सकता। इसके अलावा खाना पकाने के लिए गैस कनेक्शन नहीं होने से यहां पर बच्चियों को बिना मैस के रखने में परेशानी होगीं सबसे बडी परेशानी तो यह है कि हॉस्टल फीस का निर्धारण कैसे करें यह अभी तक स्पष्ट ही नहीं है।
बिना गाइडलाइन संचालन कैसे करें
प्रशासन की ओर से पूर्व में छात्राओं से 1500 प्रति माह शुल्क लेकर हॉस्टल शुरू करने का विचार किया गया था। हालांकि, नियमानुसार सरकारी दिशा-निर्देशों (गाइडलाइंस) में छात्राओं से इस प्रकार का शुल्क लेने का कोई प्रावधान नहीं होने के कारण इस प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया। विभागीय अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि बिना स्पष्ट नीति के बच्चों से शुल्क नहीं लिया जा सकता। इसी कारण हॉस्टल को भी ओपन नही किया गया है।
वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार
हॉस्टल में सुरक्षा गार्ड और वार्डन जैसी प्राथमिक सुविधाएं पहले से ही उपलब्ध है। हालांकि एमबीएस प्रशासन अब सीमित संसाधनों में हॉस्टल शुरू करने की संभावना तलाश रहा है। इसके लिए नर्सिंग प्राचार्य से लिखित रिपोर्ट मांगी गई है कि क्या मौजूदा स्थितियों में हॉस्टल संचालित किया जा सकता है।
इस बिषय पर हमारा ध्यान है, तैयार भवन छात्राओं के लिए शुरू होने से उन्हें आरामदायक आवास मिल सकेगा। जल्द ही एनएचएम और लेखा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। जिसमें हॉस्टल शुरू करने की समयसीमा और बजट आवंटन के प्रयासों पर निर्णय लिया जा सके।
- डॉ. राकेश सिंह अधीक्षक एमबीएस अस्पताल

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