एक कदम भारतीय संस्कृति की ओर... अभियान, जेन-जी को भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति से जोड़ती संस्कृत अकादमी
वैदिक संस्कार शिविरों में सभी जाति और समुदाय के लोग संस्कृति से परिचय प्राप्त कर रहे
जयपुर। जेन-जी को भारतीय सभ्यता एवं सस्कृति से जोड़ने के लिए राजस्थान संस्कृत अकादमी ने एक कदम भारतीय संस्कृति की ओर... अभियान शुरू किया है। इसके तहत प्रदेश में 25 अगस्त से सात दिवसीय वैदिक संस्कार शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सभी जाति और समुदाय के लोग संस्कृति को आत्मसात कर रहे हैं। अकादमी ने एक पाठ्यक्रम भी तैयार किया है, जिसमें सभी स्त्री-पुरुष गणपति पूजन, भूमि पूजन, पंच देव पूजन, दुर्गा सप्तसती, तर्पण प्रयोग, रूद्राभिषेक, शास्त्रीय विधि से यज्ञ और पंचाग परिसर सहित अन्य जानकारियों को शिविर में पढ़ाया और प्रायोगिक तौर पर सिखाया जा रहा है। अब तक प्रतापगढ़, डूंगरपुर, जोधपुर, जैसलमेर सहित अन्य जिलों में शिविर आयोजित हुए हैं। समापन से पहले शिविरार्थियों का टेस्ट लिया जाता है, पास होने पर ही प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं।
क्यों किया जेन-जी पर फोकस?
अकादमी सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ समय से जेन-जी की जिस तरह की भाषा हुई है, वह दिल को दुखाने वाली हैं। हालांकि, आज की जेन-जी काफी एक्टिव है, लेकिन लड़कियों का सरे आम गाली निकालना, गाली निकालते हुए का रील बनाना, उसे वायरल करने जैसी घटनाओं में वृद्धि होने से अकादमी ने यह पाठ्यक्रम तैयार किया है। शिविर सरकारी और निजी विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं।
‘जेन-जी में भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति से जोड़ने के लिए ‘एक कदम भारतीय संस्कृति की ओर...’शुरू किया गया है। शिविर आयोजित किए जा रहे हैं,सभी जाति-समुदाय के लोग भाग ले रहे हैं, उत्साहजनक परिणाम आया है। अकादमी हर मुमकिन कोशिश के साथ वेद, संस्कृत, संस्कृति और सभ्यता पर फोकस किए हुए हैं।’
-डॉ.लता श्रीमाली, निदेशक राजस्थान संस्कृत अकादमी,जयपुर

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