राजस्थान के निर्यातकों को नए बाजारों से जोड़ने पर जोर, टीपीसीआई और राजस्थान चैम्बर की बैठक में एफटीए ; सरकारी योजनाओं व सेक्टर-वाइज प्रशिक्षण पर बनी सहमति
RCCI और TPCI की संयुक्त बैठक
जयपुर। राजस्थान में व्यापार एवं उद्योग को बढ़ावा देने और राज्य से निर्यात बढ़ाने के उद्देश्य से ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (टीपीसीआई), नई दिल्ली के उप महानिदेशक संदीप दास ने बुधवार को राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (आरसीसीआई) का दौरा किया। इस दौरान चैम्बर पदाधिकारियों, उद्यमियों और निर्यातकों के साथ निर्यात क्षेत्र की संभावनाओं और चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। खासतौर पर हस्तशिल्प सहित विभिन्न क्षेत्रों के निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
बैठक में निर्यातकों की व्यावहारिक समस्याओं, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उपलब्ध नए अवसरों, केंद्र सरकार की निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं एवं सहायता तथा विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का प्रभावी लाभ उठाने पर चर्चा हुई। चैम्बर अध्यक्ष डॉ. के. एल. जैन ने कहा कि केंद्र सरकार ने निर्यातकों के लिए विभिन्न योजनाओं, सहायता और सब्सिडी का प्रावधान किया है। भारत के कई देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों से नए बाजारों में प्रवेश के अवसर भी बढ़े हैं, लेकिन इनकी जानकारी अभी बड़ी संख्या में उद्यमियों और निर्यातकों तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुंची है। उन्होंने बताया कि आरसीसीआई, टीपीसीआई के सहयोग से जल्द ही सेक्टर-वाइज जागरूकता कार्यशाला आयोजित करेगा। इसमें सरकारी योजनाओं, निर्यात प्रोत्साहन, सब्सिडी, एफटीए, संभावित बाजारों और निर्यात प्रक्रिया की जानकारी विशेषज्ञों द्वारा दी जाएगी।
टीपीसीआई के उप महानिदेशक संदीप दास ने कहा कि राजस्थान के रत्न एवं आभूषण, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, खनिज, मार्बल एवं स्टोन, चमड़ा सहित कई क्षेत्रों में निर्यात की व्यापक संभावनाएं हैं। टीपीसीआई उद्योग संगठनों के साथ मिलकर इन संभावनाओं को वास्तविक निर्यात अवसरों में बदलने के लिए सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि कई एमएसएमई और छोटे निर्यातकों को सरकारी योजनाओं, अंतरराष्ट्रीय बाजारों और एफटीए की पर्याप्त जानकारी नहीं है। सेक्टर-वाइज जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
चैम्बर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव भंसाली ने कहा कि निर्यातकों को वित्तीय संसाधन, कार्यशील पूंजी, भुगतान, लॉजिस्टिक्स, अनुपालन, प्रमाणन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इनके समाधान के लिए उद्योग संगठनों और संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। बैठक में नए खरीदारों तक पहुंच, गुणवत्ता मानक, दस्तावेजीकरण, लॉजिस्टिक्स और विभिन्न देशों की नियामकीय आवश्यकताओं की जानकारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। चैम्बर के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. आर. एस. जैमिनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. अरुण अग्रवाल, मानद महासचिव आनंद महरवाल, संयुक्त सचिव बादशाह मियां, इन्दर सिंह कुदरत, सचिव दिनेश कुमार कानूनगो, अतिरिक्त सचिव कन्हैया लाल जांगिड़, संयुक्त सचिव अमित पारीक, उप सचिव त्रिनेत्र रोलीवाल, कार्यकारिणी सदस्य शालिनी अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति, व्यापारी, आयातक-निर्यातक एवं चैम्बर सदस्य उपस्थित रहे। अंत में डॉ. अरुण अग्रवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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