विपक्ष ने महिलाओं को सिर्फ वोट बैंक समझा, महिला सशक्तिकरण उनका सिर्फ नारा: भजनलाल शर्मा
नारी शक्ति का अपमान: सीएम भजनलाल शर्मा ने विपक्ष को घेरा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विपक्ष पर महिलाओं को महज 'वोट बैंक' समझने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नकारात्मक रवैये ने महिला आरक्षण बिल में बाधा डाली, जो लोकतंत्र के लिए एक काला अध्याय है। सीएम ने उज्ज्वला और लखपति दीदी जैसी योजनाओं का जिक्र कर प्रधानमंत्री मोदी के महिला सशक्तिकरण संकल्प को दोहराया।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विपक्ष पर महिलाओं के मुद्दे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष ने हमेशा महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है, जबकि महिला सशक्तिकरण उनके लिए केवल एक नारा भर रहा है। उन्होंने कहा कि समय आने पर महिलाएं इस मानसिकता का जवाब देंगी।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिन दलों की सरकारें लंबे समय तक रहीं, उन्होंने कभी भी महिलाओं को उनका अधिकार देने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण देने की दिशा में पहल की, लेकिन विपक्ष के नकारात्मक रवैये के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे से देश की माताओं-बहनों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। विपक्ष ने अपनी राजनीति के कारण इसे एक “काला अध्याय” बना दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सदन में हर सवाल का जवाब दिया और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर समर्थन की अपील की, लेकिन विपक्ष ने महिला विरोधी रुख अपनाया।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी समाज की प्राथमिकता में महिलाओं को सबसे ऊपर रखा है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद केंद्र सरकार ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों के माध्यम से लिंगानुपात सुधारने और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए काम किया है।
उन्होंने कहा कि शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। इसके बावजूद विपक्ष ने इन योजनाओं का भी विरोध किया और महिलाओं के अधिकारों के प्रति उदासीनता दिखाई। मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों को परिवारवादी बताते हुए कहा कि ये दल महिलाओं को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहते। उन्होंने आरोप लगाया कि नारी शक्ति वंदन बिल को भी सोची-समझी रणनीति के तहत रोका गया और बाद में उसी पर राजनीति की गई।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने हमेशा देशहित के मुद्दों का विरोध किया है, चाहे वह नागरिकता संशोधन कानून (CAA) हो या अन्य राष्ट्रीय पहलें। उन्होंने कहा कि महिलाएं इस विश्वासघात को कभी नहीं भूलेंगी और चुनाव में इसका जवाब देंगी।

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