रोड सेफ्टी एक्शन प्लान पर सदन में पक्ष विपक्ष में बहस, कांग्रेस ने फंड दुरुपयोग का लगाया आरोप
राज्य सरकार ने रोड सेफ्टी को प्राथमिकता दी
राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल में रोड सेफ्टी एक्शन प्लान पर तीखी बहस हुई। विधायक कल्पना देवी के सवाल पर परिवहन मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने 2030 तक दुर्घटनाएं 50% घटाने का लक्ष्य दोहराया। बजट में 100 करोड़ और 2000 एआई कैमरों का प्रावधान बताया गया, जबकि विपक्ष ने योजना को कागजी करार दिया।
जयपुर। राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान लाडपुरा से भाजपा विधायक कल्पना देवी ने रोड सेफ्टी एक्शन प्लान पर सवाल उठाया। उन्होंने राज्य में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं, रोड सेफ्टी फंड के उपयोग और एक्शन प्लान की क्रियान्वयन स्थिति पर सरकार से जवाब मांगा। कल्पना देवी ने विशेष रूप से पूछा कि क्या राज्य स्तर पर तैयार रोड सेफ्टी एक्शन प्लान (जिसका लक्ष्य 2030 तक दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत कमी लाना है) परिवहन विभाग को प्राप्त हुआ है और उसकी प्रगति क्या है। परिवहन मंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा ने जवाब दिया कि राज्य सरकार ने रोड सेफ्टी को प्राथमिकता दी है।
बजट 2026-27 में एआई आधारित सड़क सुरक्षा के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिसमें 2000 एआई कैमरे लगाए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि हेलमेट, सीट बेल्ट अनिवार्यता, स्पीड लिमिट, ब्लैक स्पॉट सुधार और नए टेक्नोलॉजी मॉनिटरिंग सिस्टम पर काम तेज है। रोड सेफ्टी एक्शन प्लान को लागू करने के लिए विश्व बैंक की सहायता से नीति तैयार की जा रही है, और चरणबद्ध तरीके से (2025-2027 में संस्थागत मजबूती, 2028-2030 में 50 प्रतिशत कमी लक्ष्य) क्रियान्वयन हो रहा है। विपक्ष (कांग्रेस) ने इस पर तीखा विरोध जताया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि एक्शन प्लान केवल कागजी है, फंड का दुरुपयोग हो रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें खराब होने से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने मंत्री के जवाब को असंतोषजनक बताते हुए कहा कि वास्तविक कार्यान्वयन में कमी है और राजनीतिक प्रभाव से प्रभावित हो रहा है। इस मुद्दे पर सदन में हंगामा हुआ।

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