राजस्थान पुलिस की कार्रवाई : लॉरेंस गैंग का मुख्य सदस्य दुबई से गिरफ्तार, पुलिस को लंबे समय से थी तलाश
संगठित अपराधों में शामिल था
वह जबरन वसूली, गोलीबारी और अन्य संगठित अपराधों में शामिल था। राजस्थान पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी।
जयपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने लॉरेंस-रोहित गोदारा गिरोह के सक्रिय सदस्य आदित्य जैन उर्फटोनी को दुबई से गिरफ्तार किया है। वह गिरोह के कंट्रोल की तरह काम कर रहा था और अवैध डब्बा कॉल की सुविधा प्रदान कर रहा था। इसके अलावा वह जबरन वसूली, गोलीबारी और अन्य संगठित अपराधों में शामिल था। राजस्थान पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी।
इंटरपोल की मदद से गिरफ्तारी
डीआईजी योगेश यादव और एएसपी नरोत्तम वर्मा के नेतृत्व में एजीटीएफ की इंटरपोल टीम ने आदित्य जैन के खिलाफ इंटरपोल से रेड नोटिस जारी करवाया। एएसपी सिद्धांत शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर मनीष शर्मा, सुनील जांगिड़ और रविंद्र प्रताप की टीम ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर यूएई को सीबीआई के माध्यम से इंटरपोल रेफरेंस भेजा।
यूएई पुलिस का सहयोग
रेड नोटिस और इंटरपोल रेफरेंस के आधार पर यूएई पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और राजस्थान पुलिस को सूचना दी। इसके बाद, एजीटीएफ ने सिद्धांत शर्मा की अगुवाई में एक विशेष टीम को दुबई भेजा, जिसने वहां जाकर आदित्य जैन को अपनी कस्टडी में लिया।
गिरोह पर लगाम लगाने की बड़ी सफलता
आदित्य जैन की गिरफ्तारी राजस्थान पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है, क्योंकि वह लॉरेंस-रोहित गोदारा गिरोह के कई अपराधों का सूत्रधार था। उसकी गिरफ्तारी से गिरोह की गतिविधियों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
आगे की कानूनी कार्रवाई
राजस्थान पुलिस अब आदित्य जैन को भारत लाकर उससे पूछताछ करेगी और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी। इस अभियान में इंटरपोल, सीबीआई और यूएई पुलिस का महत्वपूर्ण योगदान रहा। राजस्थान पुलिस ने कहा है कि संगठित अपराधियों के खिलाफ उनकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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