विशाल गिद्ध इंडियन वल्चर का रेस्क्यू एंड रिलीज़, स्वस्थ होकर लौटा अपने प्राकृतिक आवास
200–300 किलोमीटर तक की दूरी आसानी से तय
जयपुर। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की वाइल्डलाइफ हैजार्ड मैनेजमेंट टीम के लोकेश यादव द्वारा एयरपोर्ट बाउंड्री के पास एक घायल अवस्था में भारतीय ग्रिफिन वल्चर (Griffon Vulture) दिखाई देने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग एवं रक्षा संस्थान की टीम ने पक्षी का रेस्क्यू कर उसे रक्षा संस्थान के रिहैबिलिटेशन सेंटर पहुंचाया। जांच के दौरान वेटरनरी विशेषज्ञों ने पाया कि गिद्ध को कोई गंभीर चोट नहीं थी, बल्कि वह अत्यधिक डिहाइड्रेटेड था। अनुमान है कि यह पहली बार घोंसले से उड़ान भरने वाला युवा गिद्ध (First Flight Individual) था, जो खराब मौसम के कारण उचित थर्मल और उड़ान का अवसर न मिलने से शहर में भटक गया।
रक्षा संस्थान के रोहित गंगवाल ने बताया कि भारतीय ग्रिफिन वल्चर उड़ान के दौरान थर्मल एयर करंट्स का उपयोग करते हैं और एक बार में 200–300 किलोमीटर तक की दूरी आसानी से तय कर सकते हैं। दो दिन के उपचार एवं सपोर्टिव थेरेपी के बाद गिद्ध को पूर्णतः स्वस्थ होने पर वन विभाग के एसीएफ जितेंद्र सिंह शेखावत, रेंज ऑफिसर जोगिंदर सिंह, जयपुर एयरपोर्ट की वाइल्डलाइफ हैजार्ड मैनेजमेंट टीम के लोकेश यादव तथा रक्षा संस्थान के रोहित गंगवाल, यशवंत सिंह सिसोदिया एवं विराज महावर की उपस्थिति में उसके प्राकृतिक आवास में सफलतापूर्वक रिलीज़ किया गया।

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