RSRDC Bribery Scandal : लूथरा के लॉकरों से निकला 43 लाख रुपए का सोना
प्रोजेक्ट डायरेक्टर धौलपुर और लेखाधिकारी दो दिन के रिमाण्ड पर
एसीबी इस घूसकांड में शामिल रहे लोगों के यहां सर्च के दौरान मिली संदिग्ध फाइल और जमीनों में निवेश के कागजात समेत बैंक लॉकर-खातों का पता लगाकर चल-अचल संपत्ति का पता लगा रही है।
जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने राजस्थान स्टेट रोड डवलपमेंट कॉर्पोरेशन (आरएसआरडीसी) घूसकांड में लिप्त रिटायर्ड लेखाधिकारी संविदाकर्मी महेश गुप्ता और धौलपुर के डायरेक्टर सीयाराम चन्द्रावत को कोर्ट में पेश किया, जहां से इन्हें कोर्ट ने आठ जून तक रिमाण्ड पर सौंप दिया।
इस घूसकाण्ड की रेड के दौरान फरार हुए आरएसआरडीसी चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर आरके लूथरा के तीन लॉकरों को एसीबी ने खंगाला। यहां से टीम को 43 लाख रुपए कीमत का सोना मिला है। लूथरा की पत्नी की तबीयत खराब होने के कारण लॉकर नहीं खुल पा रहे थे।
एसीबी टीम ने इनके आईसीआईसीआई और एयू बैंक के लॉकर खोले। एसीबी ने लॉकर से करीब 43 लाख रुपए का सोना जब्त कर लिया। अभी एसीबी इस मामले में आरएसआरडीसी के एमडी सुधीर माथुर समेत अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। एसीबी इस घूसकांड में शामिल रहे लोगों के यहां सर्च के दौरान मिली संदिग्ध फाइल और जमीनों में निवेश के कागजात समेत बैंक लॉकर-खातों का पता लगाकर चल-अचल संपत्ति का पता लगा रही है। लूथरा और उसकी पत्नी के दो बैंक आईसीआईआई और एयू के बैंक लॉकर गुरुवार को खोले गए जिनमें 43 लाख रुपए का सोना व कुछ अन्य मिला है। इनके बारे में वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। सोमवार रात झालाना संस्थानिक क्षेत्र स्थित आरटीडीसी कार्यालय में दबिश देकर एसीबी ने आरएसआरडीसी धौलपुर के प्रोजेक्टर सियाराम चन्द्रावत, भरतपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर लक्ष्मण सिंह के साथ संविदाकर्मी रिटायर्ड लेखाधिकारी महेश चन्द गुप्ता को घूस के 1.20 लाख रुपए लेते और देते गिरफ्तार किया था।

Comment List