अस्पतालों में ब्लड की कमी, जान पर संकट : एसएमएस सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में खून की किल्लत, ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग ने की ज्यादा से ज्यादा रक्तदान की अपील
ब्लड की कमी दूर करना बड़ी चुनौती
मौसमी बीमारियों के बीच इन दिनों प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाईमानसिंह और अन्य सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंकों में रक्त की बड़ी किल्लत। अस्पतालों में सभी तरह के ब्लड ग्रुपों की किल्लत बनी हुई, जिससे गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं की जान पर खतरा मंडराने लगा।
जयपुर। मौसमी बीमारियों के बीच इन दिनों प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाईमानसिंह और अन्य सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंकों में रक्त की बड़ी किल्लत है। अस्पतालों में सभी तरह के ब्लड ग्रुपों की किल्लत बनी हुई, जिससे गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं की जान पर खतरा मंडराने लगा है। ऐसे में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग ने मरीजों को ऑन डिमाण्ड ब्लड उपलब्ध कराने ज्यादा से ज्यादा स्वैच्छिक रक्तदान की भी अपील की है।
ये है फिलहाल हालात
प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल सहित सभी सरकारी अस्पतालों में ब्लड का स्टॉक तेजी से घट रहा है। स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 22 मार्च को ए निगेटिव और एबी निगेटिव जैसे ग्रुप में महज 2 यूनिट खून बचा था। एबी पॉजिटिव 4 यूनिट और ए पॉजिटिव सिर्फ 10 यूनिट तक सिमट गया जबकि इनमें एक्सीडेंट, लावारिस मरीज, हीमोफीलिया और अन्य गंभीर मामलों के कई मरीज आते हैं, जिन्हें सैकड़ों यूनिट खून की जरूरत होती है। इसमें सबसे बड़ा संकट यह है कि एसएमएस अस्पताल में निजी ब्लड बैंकों से खून लेने पर रोक है। ऐसे में ब्लड की कमी दूर करना बड़ी चुनौती बन गया है।

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