विधानसभा में गतिरोध का समाधान, स्पीकर की सख्त नसीहत- चेयर का अपमान बर्दाश्त नहीं
वाद-विवाद करें और अपनी बात प्रभावी तरीके से रखें
विधानसभा में कल हुए गतिरोध के बाद आज सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से शुरू। कार्यवाही के दौरान स्पीकर ने सदस्यों को अनुशासन और गरिमा बनाए रखने की नसीहत दी और स्पष्ट कहा कि चेयर की मर्यादा का उल्लंघन किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं।
जयपुर। विधानसभा में कल हुए गतिरोध के बाद आज सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से शुरू हुई। कार्यवाही के दौरान स्पीकर ने सदस्यों को अनुशासन और गरिमा बनाए रखने की नसीहत दी और स्पष्ट कहा कि चेयर की मर्यादा का उल्लंघन किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। स्पीकर ने कहा, “चेयर पर पहले भी अध्यक्ष बैठते रहे हैं और आगे भी दूसरे अध्यक्ष बैठेंगे, लेकिन यह किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि चेयर का सम्मान है। इसका अपमान पूरे सदन का अपमान है।” उन्होंने सदस्यों को निर्देश दिया कि इस प्रकार की गलती या निर्देशों की अवहेलना दोबारा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि एक ही सदस्य कई-कई बार खड़े होकर बोलने की कोशिश कर रहे थे। स्पीकर ने कहा, “एक ही व्यक्ति 10 से 15 बार, कुछ तो 40 बार तक खड़े हुए हैं।
यदि किसी को बोलना है तो आसान की अनुमति से ही बोले।” उन्होंने कहा कि कई सदस्य तीन-चार बार बोले, उसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन हर मांग पर एक ही व्यक्ति का सातों बार खड़ा होना उचित नहीं है। स्पीकर ने सदन से अपील की कि विषय को अनावश्यक रूप से न खींचा जाए और सभी मिलकर सदन को सुचारू रूप से चलाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा, “सदन अनुशासन और गरिमा के साथ चले, हम बहस करें, वाद-विवाद करें और अपनी बात प्रभावी तरीके से रखें। अगर तालमेल से चलेंगे तो बेहतर रहेगा, अन्यथा समय सीमा समाप्त होते ही चर्चा रोक दी जाएगी।

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