बाइक सवार युवती के टॉप को खींचने का मामला : यह गंभीर अपराध, पढ़िए मामले में लागू होती हैं कौन-कौन सी कानूनी धाराएं
तीन से सात साल तक की सजा हो सकती है
मुहाना मंडी में युवती से छेड़छाड़ का मामला गंभीर अपराध बन गया है। बाइक सवार युवकों पर बीएनएस की धारा 74, 76, 77 के तहत केस दर्ज, जिसमें 3 से 7 साल तक सजा संभव है। कॉमन इंटेंशन, एबेटमेंट और आईटी एक्ट की धाराएं भी जुड़ सकती हैं, यदि वीडियो रिकॉर्डिंग/अपलोड की पुष्टि होती है।
जयपुर। मुहाना मंडी एरिया में बाइक सवार युवती के टॉप को खींचने का मामला केवल छेड़छाड़ का प्रकरण नहीं है। यह गंभीर अपराध है और इस मामले में भारतीय न्याय संहिता तीन से सात साल तक की सजा बताती है। लड़की की टॉप उठाने और कमर पर हाथ फेरने के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट में बीएनएस की धारा 74, 76, 77 और मोटरयान संशोधन अधिनियम की धारा 194डी लगाई है, जबकि कानून के जानकारों का कहना है कि इस मामले में कुछ कड़ी धाराएं और लगाई जा सकती हैं। आइए, जानें कानूनों की उन सभी सख्त धाराओं के बारे में जो ऐसे मामलों में अपराधियों पर लगती हैं, जिनमें तीन से सात साल तक की सजा हो सकती है।
बीएनएस की धारा 74
महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग। महिला पर जान-बूझकर हाथ डालना। शरीर के वस्त्रों के साथ जबरन यौन-उद्देश्य वाला स्पर्श करना। सजा कम-से-कम 1 वर्ष से 5 वर्ष। जुर्माना भी।
बीएनएस धारा 77
यदि कोई पुरुष किसी ऐसी महिला को एकटक देखता है, उसकी बिना अनुमति तस्वीर या वीडियो लेता या उसे साझा करता है जो निजी कार्य में लिप्त हो। इसमें पहली बार में एक से तीन साल और दूसरी बार में तीन से सात साल तक की कैद या जुर्माना है।
बीएनएस धारा 3(5) :
समान आशय (कॉमन इंटेंशन)
दो लड़के एक ही बाइक पर थे। एक चला रहा था, दूसरा हरकत कर रहा था दोनों ने मिलकर रास्ता काटा, बाइक बराबर लगाई और यह सब साझा योजना या साझा मंशा से हुआ। समान आपराधिक जिम्मेदारी है। बीएनएस की धारा 3(5) साफ कहती है कि जब कई लोग कॉमन इंटेंशन से आपराधिक कृत्य करते हैं तो हर व्यक्ति उतना ही जिम्मेदार है जैसे उसने खुद वह कृत्य किया हो।
अगर पीछे से वीडियो बनाने वाला भी साथ था तो एबेटमेंट या कांस्पिरेसी का मामला बनता है। रिकॉर्डिंग या अपलोडिंग इस अपमानजनक हरकत की योजना का हिस्सा थी तो बीएनएस धारा 45 (एबेटमेंट), धारा 49 (एबेटमेंट की सजा) और जरूरत पड़े तो धारा 54 भी प्रासंगिक हो सकती हैं। कानून कहता है कि जो व्यक्ति उकसाता है, साजिश में शामिल होता है या जानबूझकर मदद करता है, वह भी उत्तरदायी है। और अगर घटना के बारे में तत्काल पुलिस को बताने के बजाय वह रीच बटोर रहा था तो निश्चित ही वह अपराधी है।
बीएनएस धारा 75
यदि कोई पुरुष महिला की मर्जी के बिना शारीरिक सम्पर्क बनाता है, यौन संबंधों का प्रस्ताव रखता है। अश्लील सामग्री दिखाता है या यौन टिप्पणियां करता है। सजा तीन वर्ष तक। जुर्माना भी।
बीएनएस धारा 79 :
शब्द, संकेत या कृत्य से महिला की लज्जा और निजता का अपमान।
अगर आरोपी ने टॉप उड़ाने के बाद हाथ उठाकर अश्लील अपमानजनक इशारे किए या पूरी हरकत ही महिला की गरिमा और निजता को अपमानित करने के लिए थी तो धारा 79 भी जोड़ी जा सकती है। इसमें ऐसे शब्द, संकेत, कृत्य या प्राइवेसी में इंट्रूजन को दंडित किया है; सजा तीन वर्ष तक और जुर्माने का प्रावधान है।
बीएनएस धारा 76 :
महिला को निर्वस्त्र करने या कपड़े उतारने के इरादे से हमला या आपराधिक बल
इस केस में अहम धारा। क्योंकि टॉप में हाथ डालकर ऊपर उड़ाने की कोशिश है। यह केवल छेड़छाड़ नहीं, कपड़ा ऊपर खींचकर शरीर उजागर करने की हरकत है। किसी महिला पर आपराधिक बल का प्रयोग डिसरोबिंग या उसे नग्न करने के इरादे से किया जाए तो सजा कम-से-कम 3 वर्ष से 7 वर्ष तक और जुर्माना।
धारा 78 (पीछा करना)
महिलाओं के खिलाफ पीछा करने के अपराध से संबंधित है। यह कानून किसी महिला की इच्छा के विरुद्ध उसका बार-बार पीछा करने से है। इस सेक्शन के आधार पर पहली बार में तीन साल और दोबार में पांच साल तक की सजा है।
194डी-एमवी एक्ट
194डी-मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194डी के तहत बिना हैलमेट के दोपहिया वाहन चलाने पर एक हजार रुपए का जुर्माना, तीन माह के लिए लाइसेंस सस्पेंड या अयोग्य अघोषित किया जा सकता है।
धारा 296
सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकतें करने या गाना गाने से संबंधित है। इसके तहत तीन माह की कैद और एक हजार रुपए जुर्माना या दोनों हो सकती हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड होने से आईटी एक्ट भी बन सकता है
बीएनएस के अलावा, यदि वीडियो अपमानित करने, अश्लील सामग्री फैलाने, या निजी अंग-एक्सपोजर दिखाने के लिए अपलोड किया गया तो आईटी ऐक्ट की धारा 67 (आॅब्सीन मटेरियल इलेक्ट्रॉनिकली पब्लिश या ट्रांसमिट) और गंभीर परिस्थितियों में 67अ (सेक्सुअली एक्सप्लिसिट एक्ट आॅर कंडक्ट) पर विचार हो सकता है। वीडियो में प्राइवेट एरिया की इमेज बिना कन्सेंट कैप्चर-पब्लिश हुई हो तो आईटी ऐक्ट धारा 66ए भी प्रासंगिक हो सकती है।
इस तरह सबसे स्वाभाविक एफआईआर संयोजन होगा: बीएनएस 74 + 75 + 76 और दोनों लड़के साथ हैं तो 3(5)। अगर रिकॉर्डिंग या अपलोडिंग साझी योजना का हिस्सा थी तो एबेटमेंट या कॉमन इंटेंशन की लाइन और मजबूत होगी। सोशल मीडिया अपलोडर पर अलग से आईटी एक्ट 67/67अ/66ए की जांच की जानी चाहिए।

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