देश की जनता का न्यायपालिका पर गहरा विश्वास : हमारे एक-एक शब्द को लोग मानते है पूजनीय, सीजेआई ने कहा- पूर्व जज बावडियों के समान, इन्हें सहेज कर रखें
लोगों का न्यायपालिका के प्रति विश्वास बनाए रखना हमारा दायित्व
CJI सूर्यकांत ने पूर्व जजों को ‘बावड़ी’ की तरह अनुभव का भंडार बताते हुए उन्हें सहेजने पर जोर दिया। ‘बेंच बियॉन्ड रिटायरमेंट’ कॉन्फ्रेंस में उन्होंने न्यायपालिका पर जनता के भरोसे को बनाए रखने की बात कही। CM भजनलाल शर्मा ने भी पूर्व जजों की भूमिका सराही। कार्यक्रम में यूनिफॉर्म रजिस्ट्रेशन सिस्टम लॉन्च और जागरूकता वाहनों को रवाना किया गया।
जयपुर। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि प्रदेश में बारिश के पानी के बावडी में सहेजा जाता है। हमारे पूर्व जज भी इन्हीं बावडियों के समान है, जिनसे हम परेशानी में मदद ले सकते हैं। ऐसे में इन्हें भी सहेजने की जरूरत है। ये लोग ही हमें उचित और अनुचित का फर्क बताएंगे। सीजेआई राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित द बेंच बियोंड रिटायरमेंट विषय पर आयोजित कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ डिप्टी सीएम दिया कुमारी भी उपस्थित थी।
कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ करते हुए सीजेआई ने खम्मा घणी से अभिवादन कर कहा कि आज देश की जनता का न्यायपालिका पर गहरा विश्वास है। हमारे एक-एक शब्द को लोग पूजनीय मानते हैं। ऐसे में न्यायपालिका और उससे जुडी संस्थाओं को जागरूक होने की जरूरत है। हमारा दायित्व है कि हम लोगों का न्यायपालिका के प्रति विश्वास बनाए रखे। उन्होंने कहा कि हमें यह ध्यान में रखना चाहिए कि जज हमेशा जज रहता है। लोक अदालत जैसे माध्यमों से लाखों लोगों को न्याय मिलता है। पूर्व जज आमजन को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है। वे स्कूल, कॉलेजों और ग्राम पंचायतों तक जाकर आमजन को न्यायिक प्रक्रिया और उनके अधिकारों के बारे में जागरूक कर सकते हैं। इस दौरान उन्होंने हाईकोर्ट में यूनिफॉर्म रजिस्ट्रेशन नंबर सिस्टम का बटन दबाकर शुरुआत की।
कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह वह पीढी है, जिसने देश में बड़े बदलाव देखे हैं। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका संविधान और कानून की रक्षक है। वह हर नागरिक को समान अधिकार देती है। जिस व्यक्ति को न्याय की जरूरत है, उसके लिए न्यायाधीश एक उम्मीद है। न्यायाधीश का एक बयान समाज के जीवन का आधार बनता है। आप समाज को जो दिशा देते हैं, उसकी समाज से मान्यता मिलती है। सीएम ने पूर्व जजों को कहा कि वे रिटायर होने के बाद भी समाज को नई दिशा दे रहे हैं। नए न्यायाधीश आते हैं और पूर्व जजों से प्रेरणा लेकर आगे बढते हैं। सीएम ने युवा न्यायाधीशों से आह्वान किया कि वे पूर्व जजों के साथ बैठकर जरूर सीखें। उन्होंने कहा कि आमजन सीधे अदालत जाने से पहले लोक अदालत का दरवाजा जरूर खटखटाए, इसमें बहुत काम होते हैं और लोगों को राहत मिलती है।
सीएम ने कहा कि रिटायर जजों के अनुभव और ज्ञान की समाज को जरूरत है। इस मौके पर हाईकोर्ट के एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा ने कहा कि अदालतों में मुकदमों की भरमार होने से लोगों को न्याय मिलने में देरी हो रही है। डिजिटल इन्फास्ट्रचर बढने से न्यायिक प्रक्रिया में तकनीक का उपयोग बढा है। उन्होंने कहा कि एक जज की यात्रा रिटायर होने के बाद समाप्त नहीं होती है। पूर्व जज न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। कॉन्फ्रेंस के बाद राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को दिए गए मल्टी यूटिलिटी वाहनों को सीजेआई, हाईकोर्ट के एक्टिंग सीजे और सीएम भजनलाल शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर लोगों को उनके अधिकारों और विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं के बारे में जागरूक करेंगे।

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