रेफरेंस की फाइल में उलझा इलाज : झुलसी बच्ची पांच दिन से डॉक्टर के इंतजार मे, परिजन इलाज के अभाव में परेशान
सरकारी अस्पतालों के लचर सिस्टम की गंभीर तस्वीर पेश
जयपुर के सरकारी अस्पतालों की रेफरेंस व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में। आग से झुलसी छह साल की मासूम बच्ची पिछले पांच दिनों से इलाज और विशेषज्ञ डॉक्टर के इंतजार में तड़प रही। बच्ची के शरीर के नाजुक हिस्से और दोनों पैर बुरी तरह झुलस गए हैं, लेकिन एसएमएस अस्पताल से जे.के. लोन हॉस्पिटल भेजे गए रेफरेंस के बावजूद समय पर उपचार नहीं मिल पाया।
जयपुर। राजधानी जयपुर के सरकारी अस्पतालों की रेफरेंस व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आग से झुलसी छह साल की मासूम बच्ची पिछले पांच दिनों से इलाज और विशेषज्ञ डॉक्टर के इंतजार में तड़प रही है। बच्ची के शरीर के नाजुक हिस्से और दोनों पैर बुरी तरह झुलस गए हैं, लेकिन एसएमएस अस्पताल से जे.के. लोन हॉस्पिटल भेजे गए रेफरेंस के बावजूद समय पर उपचार नहीं मिल पाया। घटना 30 दिसंबर की शाम सांगानेर क्षेत्र की है। घर में दीया-बत्ती करते समय जलती माचिस की तीली बच्ची के कपड़ों पर गिर गई, जिससे आग लग गई। परिजन उसे तुरंत एसएमएस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां बर्न वार्ड में भर्ती कर प्राथमिक इलाज किया गया। कुछ समय बाद बच्ची की हालत बिगड़ने लगी और तेज बुखार आ गया। इस पर प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने जे.के. लोन अस्पताल के लिए रेफरेंस लिख दिया।
परिजन दो दिन तक रेफरेंस लेकर जे.के. लोन अस्पताल के चक्कर काटते रहे, लेकिन कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मिला। तीसरे दिन एक रेजिडेंट ने कुछ दवाइयां लिख दीं। हैरानी की बात यह है कि पांच दिन बीत जाने के बाद भी कोई सीनियर बाल रोग विशेषज्ञ बच्ची को देखने नहीं पहुंचा। परिजन इलाज के अभाव में परेशान हैं और बच्ची लगातार दर्द व बुखार से जूझ रही है। यह मामला सरकारी अस्पतालों के लचर सिस्टम की गंभीर तस्वीर पेश करता है।

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