मंत्री की चालबाजी से परेशान यमदूत ने बदल दी आधा दर्जन आत्माएं
कॉमेडी ड्रामा फेस्टिवल में ‘बनफूल की बत्ती गुल’ का मंचन
जयपुर। मंत्री की चालबाजी से परेशान हो काले यमदूत को इतना गुस्सा आता है कि वह आधा दर्जन आत्माओं की हेरा फेरी कर डालता है। इसके बाद ऐसी रोचक स्थिति बनती है जिन्हें देख दर्शक हंसते-हंसते पेट पकड़ लेते हैं। यह दृश्य था, पीपल्स मीडिया थिएटर के बैनर तले जेकेके के रंगायन सभागार में हुए कॉमेडी ड्रामा फेस्टिवल के पहले दिन के नाटक बनफूल की बत्तीगुल का।
मुंबई के नाटककार अनुरोध शर्मा के लिखे और वरिष्ठ रंगकर्मी अशोक राही निर्देशित नाटक की कथा बड़ी दिलचस्प है। राज्य का शिक्षा मंत्री बनफूल सरकार अपनी प्रेमिका राजेश्वरी के साथ गुलछर्रे उड़ाने अपने फार्म हाउस पर आता है। लेकिन देखते-देखते वहां शिक्षा माफिया कालानी, मंत्री का बाहुबली गुंडा अजगर, विरोधी दल का नेता चाणक्य, मंत्री की बीवी फुल कंवर और साला फूलचंद उर्फ लल्लू भी वहां जाता है। यह दिन बनफूल सरकार की जिंदगी का आखिरी दिन होता है इसलिए उसकी आत्मा को लेने की यमदूत भी आता है। लेकिन यमदूत का रिमोट खराब होने से गड़बड़ी हो जाती है और यमदूत गड़बड़ झाले में कुत्ते की आत्मा विरोधी दल के नेता में मंत्री की प्रेमिका की आत्मा उसके साले लल्लू में, कालानी की आत्मा फूल कंवर में और फूल कंवर की आत्मा अजगर में डाल देता है। जिससे बेहद हास्यास्पद स्थिति बन जाती है। नाटक लेखक अनुरोध शर्मा ने संवादों के माध्यम से आज की सामाजिक और राजनीतिक विसंगतियों पर जोरदार प्रहार किया।

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