वसंत पंचमी 23 जनवरी को श्रद्धा और उल्लास से मनाई जाएगी, उदयात तिथि के अनुसार 23 जनवरी को ही वसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा
क्या हैं धार्मिक मान्यता ?
वसंत पंचमी का पर्व 23 जनवरी को मनाया जाएगा। पंचमी तिथि प्रात: 2.28 बजे शुरू होकर 24 जनवरी को 1.46 बजे समाप्त होगी। सरस्वती पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 6.43 से दोपहर 12.15 बजे तक रहेगा। यह दिन विद्या, कला और संगीत से जुड़े लोगों के लिए शुभ माना जाता है।
जयपुर। हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला वसंत पंचमी का पावन पर्व 23 जनवरी को मनाया जाएगा। पंचमी तिथि 23 जनवरी को प्रात: 2.28 बजे प्रारंभ होकर 24 जनवरी को 1.46 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 23 जनवरी को ही वसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। मां सरस्वती की पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त प्रात: 6.43 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इसी दिन ज्ञान, वाणी और संगीत की देवी मां सरस्वती की उत्पत्ति हुई थी। विद्यार्थियों, शिक्षकों, कलाकारों, साहित्यकारों और संगीत से जुड़े लोगों के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है। पूजा में पीले वस्त्र, पीले पुष्प, हल्दी, केसर, पीली मिठाई और पीले व्यंजन का प्रयोग शुभ माना जाता है।
क्या हैं धार्मिक मान्यता ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की लग्न भी लिखी गई थी। साथ ही कामदेव और रति की पूजा का भी विधान है। मां सरस्वती की सच्चे मन से की गई आराधना कभी निष्फ ल नहीं जाती और साधक को ज्ञान, बुद्धि व विवेक का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

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